गुरुग्राम स्कूल फर्जीवाड़ा: सीबीएसई की फर्जी मान्यता दिखाकर बच्चों का भविष्य रौंदने वाली प्रिंसिपल गिरफ्तार
Apr 20, 2026 11:28 AM
गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-9बी स्थित एडुक्रस्ट इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षा के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने स्कूल की फरार चल रही प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया को गुजरात से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
यह पूरी कार्रवाई उन मासूम बच्चों के भविष्य को बचाने की जद्दोजहद से शुरू हुई, जिनका साल सिर्फ इसलिए बर्बाद हो गया क्योंकि स्कूल प्रबंधन ने फर्जी कागजातों के सहारे मान्यता का नाटक रचा था। बसई गांव की रहने वाली रिद्धिमा कटारिया पर आरोप है कि उसने स्कूल के चेयरमैन और निदेशकों के साथ मिलकर अभिभावकों को अंधेरे में रखा और सीबीएसई की फर्जी एफिलिएशन दिखाकर मोटी फीस वसूली।
ऐन परीक्षा के वक्त खुला राज, बच्चों की आंखों में आए आंसू
इस घोटाले की परतें इस साल 17 फरवरी को उस समय खुलीं, जब सीबीएसई की 10वीं कक्षा की गणित की परीक्षा थी। स्कूल में पढ़ रहे करीब 11 छात्र जब एडमिट कार्ड लेने पहुंचे, तो उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया गया। परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड न पहुंचने के कारण छात्र परीक्षा नहीं दे सके और उनका पूरा साल बर्बाद हो गया।
इसके बाद जब अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया और सीबीएसई पोर्टल पर जांच की, तो पता चला कि स्कूल के पास 10वीं तक की मान्यता थी ही नहीं। 18 फरवरी को गुस्साए अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया।
गुजरात में छिपी थी प्रिंसिपल, चेयरमैन पहले ही जा चुके हैं जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 25 छात्रों को अवैध रूप से 10वीं में दाखिला दिया गया था। मामला दर्ज होते ही प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया फरार हो गई थी। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थीं, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात चली गई थी।
इससे करीब एक महीने पहले पुलिस ने स्कूल के चेयरमैन को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। अब प्रिंसिपल की गिरफ्तारी से इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी कागजात तैयार करने वाले मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिलेगी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में शिक्षा विभाग का कोई कर्मचारी भी शामिल था।