Search

आढ़तियों की हुई बल्ले-बल्ले! गेहूं खरीद पर अब मिलेगा 59.75 रुपये कमीशन, जानें पूरा गणित

Mar 19, 2026 10:58 AM

हरियाणा। हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक शुरू होने से ठीक पहले आढ़तियों के लिए राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने आढ़तियों के लंबे समय से चल रहे संघर्ष और मांग को स्वीकार करते हुए उनके कमीशन (आढ़त) में सम्मानजनक बढ़ोतरी की है। अब तक आढ़तियों को प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद पर 46 रुपये मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50.75 रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से न केवल आढ़तियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि खरीद सीजन के दौरान मंडियों में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

नायब सैनी सरकार का 'प्लस 9' फॉर्मूला: कुल आढ़त पहुंचेगी 60 के करीब

हरियाणा के आढ़तियों के लिए यह खुशी दोगुनी होने वाली है। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य संयोजक हर्ष गिरधर ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले ही आढ़तियों को भरोसा दिया था कि केंद्र जो भी कमीशन तय करेगा, हरियाणा सरकार उसमें अपनी ओर से 9 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त जोड़कर देगी। अगर सरकार अपने इस वादे पर मुहर लगाती है, तो हरियाणा के आढ़तियों को कुल 59.75 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान होगा। यह पिछली बार के मुकाबले एक बड़ी छलांग है, जिससे व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं।

पिछली परंपरा को दोहराने की मांग, राज्यस्तरीय बैठक बुलाई

हर्ष गिरधर के मुताबिक, पिछली बार भी गेहूं और धान की खरीद के दौरान हरियाणा सरकार ने इसी 'टॉप-अप' फॉर्मूले को लागू किया था। आढ़तियों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और लेबर कॉस्ट के बीच पुराना कमीशन काफी कम पड़ रहा था। इस मुद्दे पर रणनीति तैयार करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए एसोसिएशन ने एक राज्यस्तरीय बैठक भी बुलाई है। आढ़तियों का कहना है कि केंद्र के फैसले के बाद अब गेंद राज्य सरकार के पाले में है और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द ही विधानसभा या कैबिनेट ब्रीफिंग में इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे।

चुनावी साल में आढ़तियों को साधने की कोशिश?

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है। हरियाणा में आढ़ती और किसान सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। ऐसे में खरीद सीजन से ठीक पहले कमीशन बढ़ाना सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आढ़ती संतुष्ट रहेंगे, तो खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी और किसानों को भुगतान में भी देरी नहीं होगी। अब सबकी नजरें चंडीगढ़ पर टिकी हैं कि कब सरकार 9 रुपये के अतिरिक्त बोनस का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करती है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!