चिराग योजना फरीदाबाद: प्राइवेट स्कूल में फ्री एडमिशन का आज आखिरी दिन, जल्दी करें अप्लाई
Mar 30, 2026 3:24 PM
हरियाणा। फरीदाबाद के उन अभिभावकों के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों को बड़े निजी स्कूलों में पढ़ाने का सपना देख रहे हैं। हरियाणा सरकार की 'चिराग' योजना के तहत आवेदन करने की समय सीमा आज समाप्त हो रही है। इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी छात्र निजी स्कूलों में बिना किसी फीस के दाखिला ले सकते हैं, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। हालांकि, प्रक्रिया में हुई देरी और सीटों की जानकारी सार्वजनिक होने में लगे वक्त ने अभिभावकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
सीमित समय और तकनीकी अड़चनें: अभिभावकों में रोष
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को खाली सीटों का ब्योरा देने के लिए 10 मार्च तक का समय दिया था, लेकिन स्कूलों की सुस्ती के चलते विभाग की वेबसाइट पर यह सूची 24 मार्च को ही अपलोड हो सकी। इसके चलते अभिभावकों को आवेदन के लिए केवल एक हफ्ते का प्रभावी समय मिल पाया। फरीदाबाद के कई अभिभावकों का कहना है कि इतने कम समय में कागजी कार्रवाई पूरी करना और स्कूल का चयन करना किसी चुनौती से कम नहीं था। विभाग के पोर्टल पर देरी से जानकारी आने के कारण कई योग्य छात्र इस अवसर से वंचित रह सकते हैं।
दाखिले की शर्तें: वही ब्लॉक और सरकारी स्कूल का ठप्पा अनिवार्य
योजना के नियम काफी सख्त हैं। इसका लाभ केवल वही छात्र उठा सकते हैं जिन्होंने पिछला शैक्षणिक सत्र सरकारी स्कूल में पूरा किया हो। इसके अलावा, छात्र केवल उसी ब्लॉक (खंड) के निजी स्कूल में आवेदन कर सकता है, जहां वह पिछले साल पढ़ रहा था। हालांकि, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग ने छात्रों को एक से अधिक स्कूलों में आवेदन करने की छूट दी है, ताकि उनके चयन की संभावना बनी रहे।
ड्रॉ और वेटिंग लिस्ट: 1 अप्रैल से शुरू होगा असली खेल
यदि किसी स्कूल में आरक्षित सीटों से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो विभाग 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच 'लकी ड्रॉ' का आयोजन करेगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ड्रॉ की तारीख और समय की सूचना अभिभावकों को पहले ही दे दी जाएगी। ड्रॉ में चयनित छात्रों को 15 अप्रैल तक अपनी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर दाखिला लेना होगा। इसके बाद, यदि कोई सीट खाली बचती है, तो 16 से 30 अप्रैल तक वेटिंग लिस्ट के जरिए अन्य छात्रों को मौका दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया 'पहले आओ, पहले पाओ' के बजाय योग्यता और निष्पक्ष ड्रॉ सिस्टम पर आधारित होगी।