सीएम धामी का मास्टर प्लान: उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेगा 'आदर्श कृषि गांव', किसानों की बढ़ेगी आय
May 14, 2026 5:37 PM
देहरादून। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में गुरुवार को उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि राज्य के हर ब्लॉक से एक ऐसे गांव का चयन किया जाए, जिसे कृषि और बागवानी के क्षेत्र में एक 'आदर्श' (मॉडल) के रूप में स्थापित किया जा सके। सीएम का मानना है कि जब एक गांव आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के मेल से समृद्ध होगा, तो उसे देखकर आसपास के अन्य गांवों में भी कृषि क्रांति आएगी। उन्होंने साफ कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही 'सशक्त उत्तराखंड' की आधारशिला है।
क्लस्टर आधारित खेती पर जोर: जमीन की सेहत देख तय होगी फसल
बैठक में सीएम धामी ने वैज्ञानिकों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य की विविध भौगोलिक परिस्थितियों का गहराई से अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि "एक ही चश्मे से पूरे प्रदेश को नहीं देखा जा सकता।" जिस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु जिस फल या सब्जी के लिए अनुकूल है, वहां उसी को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने मंडी परिषद को आगामी तीन वर्षों का एक विस्तृत 'रोडमैप' तैयार करने को कहा है, जिसमें खेती की लागत घटाने और पैदावार बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी।
'लैब टू लैंड': वैज्ञानिकों की तकनीक अब सीधे पहुंचेगी खेत तक
उत्तराखंड की खेती को पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकालने के लिए मुख्यमंत्री ने गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि विश्वविद्यालय (पंतनगर) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध महज फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि 'लैब टू लैंड' मंत्र के साथ उन्हें सीधे किसान के खेत तक पहुंचाया जाए। इसके लिए प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर पर कृषि गोष्ठियां और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। सीएम ने सरसों, तिल और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों के जरिए खेती में विविधीकरण लाने और किसानों की जेब भरने पर विशेष जोर दिया।
तकनीक और बाजार का मेल: डिजिटल होंगे उत्तराखंड के किसान
सिर्फ फसल उगाना ही काफी नहीं है, उसे सही बाजार दिलाना भी सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने किसानों को डिजिटल मार्केटिंग के गुर सिखाने और उनकी उपज की बेहतर ब्रांडिंग के निर्देश दिए। साथ ही, खेती में सौर ऊर्जा संचालित पंपों और बायो गैस संयंत्रों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही, ताकि किसानों की बिजली और ईंधन पर निर्भरता कम हो सके। बैठक में मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू सहित शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने समयबद्ध तरीके से इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी है।