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हरियाणा चिराग योजना: प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का सपना होगा पूरा, 13 मार्च से शुरू होंगे आवेदन; अब 8 लाख तक की आय वाले भी पात्र

Mar 12, 2026 10:27 AM

हरियाणा।  हरियाणा के मध्यम और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'चिराग योजना' (CHIRAG Scheme) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले का बिगुल बज गया है। इस बार सरकार ने योजना के दायरे को बढ़ाते हुए मध्यम वर्गीय परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। अब प्राइवेट स्कूलों की चमक-धमक वाली शिक्षा केवल अमीरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव-गरीब का बच्चा भी नामी निजी संस्थानों में बैठकर अपना भविष्य संवार सकेगा।

पात्रता में बड़ा बदलाव: 8 लाख तक बढ़ी आय सीमा

इस बार चिराग योजना में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव इसकी पात्रता शर्तों में किया गया है। पहले जहां केवल बहुत ही कम आय वाले परिवार इसका हिस्सा बन पाते थे, वहीं अब सरकार ने घोषणा की है कि जिन परिवारों की सालाना आय फैमिली आईडी (PPP) में 8 लाख रुपये तक है, वे भी अपने बच्चों का दाखिला इस योजना के जरिए करा सकेंगे।

यह कदम उन अभिभावकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना तो चाहते थे, लेकिन भारी-भरकम फीस के बोझ तले दबे हुए थे। अब ऐसे परिवारों की फीस का एक बड़ा हिस्सा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे मध्यम वर्ग की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक भार काफी कम हो जाएगा।

आवेदन से दाखिले तक: महत्वपूर्ण तिथियां

शिक्षा विभाग ने योजना का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। अगर आप भी अपने बच्चे का दाखिला कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को डायरी में नोट कर लें:

आवेदन की शुरुआत: 13 मार्च 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मार्च 2026

लकी ड्रा (Lottery): 1 से 3 अप्रैल 2026

दाखिला प्रक्रिया: 1 से 15 अप्रैल 2026

वेटिंग लिस्ट: 16 से 30 अप्रैल 2026

किन कक्षाओं में मिलेगा प्रवेश और क्या चाहिए दस्तावेज?

चिराग योजना का लाभ मुख्य रूप से कक्षा छठी (6th) से बारहवीं (12th) तक के विद्यार्थियों को मिलता है। इसमें दाखिला लेने के लिए छात्र का पिछले शैक्षणिक वर्ष में सरकारी स्कूल से पास होना अनिवार्य है। आवेदन के समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

परिवार पहचान पत्र (Family ID)

आधार कार्ड

आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)

पिछली कक्षा का स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC)

पासपोर्ट साइज फोटो

विशेषज्ञ की राय: शिक्षा में बढ़ेगी समानता

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आय सीमा बढ़ाकर सरकार ने निजी और सरकारी शिक्षा के बीच की खाई को पाटने की कोशिश की है। इससे न केवल गरीब बच्चों को बेहतर संसाधन मिलेंगे, बल्कि प्राइवेट स्कूलों में भी विविधता बढ़ेगी। हालांकि, अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले उन स्कूलों की सूची जरूर देख लें जो इस योजना के तहत रजिस्टर्ड हैं, क्योंकि केवल मान्यता प्राप्त और सहमति देने वाले स्कूलों में ही चिराग योजना के तहत दाखिले होते हैं।

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