राघव चड्ढा की संपत्ति: AAP छोड़ BJP में गए चड्ढा कितने अमीर? पत्नी परिणीति से है इतना फासला
Apr 26, 2026 4:19 PM
नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत में 'इंकलाब' का नारा बुलंद करने वाली आम आदमी पार्टी को सबसे बड़ा झटका लगा है। पार्टी के रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को पाला बदलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा थाम लिया। चड्ढा ने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह काफी समय से पार्टी में 'घुटन' महसूस कर रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल दलबदल के बीच अब सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक राघव चड्ढा की अमीरी और उनकी लाइफस्टाइल को लेकर खोजबीन शुरू हो गई है।
50 लाख की नेटवर्थ और पुरानी 'डिजायर'
एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और कद्दावर नेता होने के बावजूद राघव चड्ढा की घोषित संपत्ति कई लोगों को हैरान कर सकती है। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनकी कुल नेटवर्थ लगभग 50 लाख रुपये है। अचल संपत्ति की बात करें तो दिल्ली में उनके पास एक घर है जिसकी कीमत करीब 37 लाख रुपये आंकी गई है। दिलचस्प बात यह है कि आलीशान गाड़ियों के शौकीन नेताओं के दौर में राघव के पास आज भी 2009 मॉडल की मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार है।
निवेश और बैंक बैलेंस
राघव चड्ढा ने अपनी कमाई का एक हिस्सा शेयरों और म्यूचुअल फंड्स में भी लगाया है, जो करीब 6 लाख रुपये के आसपास है। उनके बैंक खातों में जमा राशि बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन उनके पास लगभग 90 ग्राम सोना है, जिसकी आज की बाजार कीमत करीब 13 लाख रुपये के आसपास बैठती है। बतौर राज्यसभा सांसद, उन्हें हर महीने करीब 1 लाख रुपये वेतन और अन्य भत्ते मिलते हैं।
पत्नी परिणीति के सामने फीके हैं आंकड़े
जब राघव चड्ढा की तुलना उनकी पत्नी और बॉलीवुड स्टार परिणीति चोपड़ा से की जाती है, तो फासला काफी बड़ा नजर आता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, परिणीति चोपड़ा की कुल संपत्ति 60 करोड़ रुपये के आसपास है। जहां राघव एक पुरानी डिजायर चलाते हैं, वहीं परिणीति के गैराज में ऑडी A6, जगुआर XJL और ऑडी Q5 जैसी लग्जरी गाड़ियां खड़ी हैं। मुंबई में परिणीति का अपना आलीशान घर है और फिल्मों के साथ-साथ ब्रांड एंडोर्समेंट उनकी कमाई का मुख्य जरिया है।
राघव चड्ढा ने अपने इस्तीफे के वक्त कहा था कि वह "गलत पार्टी में सही आदमी" थे, लेकिन अब भाजपा में उनकी यह नई पारी उनकी संपत्ति और राजनीतिक रसूख में कितना इजाफा करती है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, 7 सांसदों के साथ उनका यह पलायन आम आदमी पार्टी के लिए एक ऐसा जख्म है जिसे भरने में काफी वक्त लगेगा।