Search

राजनीति में आने से पहले क्या करते थे राघव चड्ढा? जानें डेलॉयट की नौकरी से बीजेपी तक का सफर

Apr 26, 2026 4:11 PM

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सबसे ग्लैमरस और पढ़े-लिखे चेहरों में शुमार राघव चड्ढा ने आखिरकार अरविंद केजरीवाल का साथ छोड़ दिया है। पिछले कुछ समय से पार्टी हाईकमान के साथ चल रही तनातनी का आज उस वक्त अंत हो गया, जब उन्होंने अपने साथ 8 सांसदों का कुनबा लेकर बीजेपी का दामन थाम लिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस राघव चड्ढा को आज आप एक प्रखर राजनेता के तौर पर देखते हैं, वह कभी कॉर्पोरेट जगत के चमकते सितारे हुआ करते थे?

22 की उम्र में सीए और लंदन से वापसी

राघव चड्ढा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी प्रभावशाली रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक करने के बाद उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (ICAI) की कठिन परीक्षा पास की। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 22 साल की उम्र में उन्होंने सीए का लाइसेंस हासिल कर लिया था। इतनी कम उम्र में वे न केवल पेशेवर बने, बल्कि देश के बड़े टैक्स पेयर्स की सूची में भी जगह बना ली थी। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) चले गए।

डेलॉयट जैसी बड़ी फर्मों में किया काम

राजनीति के अखाड़े में उतरने से पहले राघव चड्ढा का ठिकाना आलीशान दफ्तर और फाइलों के ढेर थे। उन्होंने विश्वप्रसिद्ध ऑडिट और कंसल्टिंग फर्म 'डेलॉयट' (Deloitte) और 'ग्रांट थॉर्नटन' (Grant Thornton) जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में अपनी सेवाएं दीं। लंदन से लौटने के बाद जब 2013 में अन्ना हजारे का आंदोलन अपने चरम पर था, तभी रामलीला मैदान के शोर के बीच उनकी मुलाकात अरविंद केजरीवाल से हुई और वहीं से उनके जीवन की दिशा बदल गई।

वोलेंटियर से 'संकटमोचन' तक का सफर

अरविंद केजरीवाल ने राघव की योग्यता को भांपते हुए उन्हें सबसे पहले राहुल मेहरा के साथ दिल्ली जनलोकपाल बिल का ड्राफ्ट तैयार करने का काम सौंपा। 2013 के चुनाव में वे पार्टी का घोषणापत्र बनाने वाली टीम के मुख्य सदस्य थे। एक वोलेंटियर के रूप में जुड़े राघव जल्द ही केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार बन गए। उन्हें पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया और बाद में वे 'आप' के सबसे युवा और प्रभावशाली प्रवक्ता बनकर उभरे।

संपत्ति और परिणीति: चर्चा में रहा निजी जीवन

राघव चड्ढा का नाम केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड गलियारों में भी तब गूंजा जब उन्होंने अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी की। हालांकि परिणीति की संपत्ति राघव के मुकाबले काफी अधिक बताई जाती है, लेकिन राघव की अपनी पेशेवर योग्यता और राजनीतिक रसूख ने उन्हें हमेशा चर्चा में रखा। आज जब वे 'आप' का दामन छोड़कर बीजेपी की ओर बढ़ गए हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह 'चार्टर्ड' रणनीतियां अब भगवा दल के लिए पंजाब और केंद्र में कितनी कारगर साबित होती हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!