हरियाणा के कच्चे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: अब 15 अप्रैल तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
Mar 17, 2026 12:14 PM
हरियाणा। हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश के हजारों अनुबंध कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके सेवा सुरक्षित करने की प्रक्रिया को विस्तार दे दिया है। 'हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम' के तहत जो कर्मचारी अब तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं करा पाए थे, उनके लिए अब पोर्टल 15 अप्रैल तक खुला रहेगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी ताजा आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासनिक कारणों और कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए इस समय-सीमा को एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है। सरकार के इस कदम से उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है जो तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी के चलते अब तक आवेदन नहीं कर सके थे।
डीडीओ और विभागों के लिए सख्त समय-सीमा तय
रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ने के साथ ही सरकार ने पूरी चयन प्रक्रिया का एक नया कैलेंडर भी जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, 15 अप्रैल तक पंजीकरण होने के बाद आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) की जिम्मेदारी होगी कि वे 25 अप्रैल तक हर एक कर्मचारी के विवरण और उनके सेवा रिकॉर्ड का मिलान कर उसे वेरीफाई करें। इस वेरिफिकेशन के तुरंत बाद वित्त विभाग हरकत में आएगा। विभाग का काम 15 मई तक उन सभी पात्र कर्मचारियों के लिए 'सुपरन्यूमैरेरी' पदों का सृजन करना होगा, जिनकी सेवाएं सुरक्षित की जानी हैं। इस व्यवस्थित प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य कर्मचारी का हक न छूटे।
15 जून तक हाथों में होंगे नियुक्ति पत्र
अनुबंध कर्मचारियों के मन में अपनी नौकरी को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह अब जून के महीने में खत्म होने जा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार, विभाग के मुखिया द्वारा अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद 15 जून तक सभी पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के ऑफर लेटर जारी कर दिए जाएंगे। इससे पहले यह प्रक्रिया मई तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे एक महीने के लिए रिशेड्यूल किया गया है। सेवा सुरक्षा अधिनियम के तहत आने के बाद इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन वृद्धि और अन्य भत्तों का लाभ मिल सकेगा, जो लंबे समय से उनकी मुख्य मांग रही है।
सेवा रिकॉर्ड की जांच में बरतनी होगी सावधानी
मुख्य सचिव ने अपने पत्र में सभी विभागाध्यक्षों को यह भी हिदायत दी है कि रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे 15 अप्रैल की अंतिम घड़ी का इंतजार किए बिना अपने सभी संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड कर दें। यदि किसी कर्मचारी के रिकॉर्ड में विसंगति पाई जाती है, तो उसे सुधारने का अवसर वेरिफिकेशन राउंड के दौरान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मानसून सत्र से पहले इस पूरी कवायद को अमलीजामा पहना दिया जाए, ताकि हजारों परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।