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हरियाणा बिजली दरें 2026: नहीं बढ़ेंगे दाम, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

Mar 29, 2026 9:56 AM

हरियाणा। चंडीगढ़ से बड़ी खबर है। हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) ने प्रदेश के करोड़ों लोगों की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ को टाल दिया है। बिजली निगमों (UHBVN और DHBVN) ने भारी-भरकम राजस्व घाटे की दुहाई देते हुए दरों में इजाफे की मांग की थी, लेकिन आयोग ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पुरानी दरों को ही जारी रखने का आदेश दिया है। इस फैसले का सीधा फायदा प्रदेश के करीब 84 लाख घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। संशोधित आदेश 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माने जाएंगे।

अन्नदाता को सौगात: मात्र 10 पैसे में चलती रहेगी खेती की मोटर

हरियाणा सरकार ने एक बार फिर किसानों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। आयोग ने कृषि ट्यूबवेलों के लिए 7,870.32 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी का प्रावधान किया है। दिलचस्प बात यह है कि बिजली की वास्तविक लागत 7.48 रुपये प्रति यूनिट आती है, लेकिन हरियाणा का किसान इसका महज एक छोटा सा हिस्सा यानी 10 पैसे प्रति यूनिट ही चुकाएगा। इसके अलावा, जिन किसानों ने 31 दिसंबर 2023 तक 10 BHP के कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, उन्हें 31 मई 2026 तक अपना लोड बढ़ाने की विशेष सुविधा दी गई है, जिससे वे बिना अपनी बारी (Seniority) खोए अधिक पावर का इस्तेमाल कर सकेंगे।

स्मार्ट मीटर अपनाएं और 5% तक बिल बचाएं

आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए बिजली आयोग ने मध्यम वर्ग और शहरी उपभोक्ताओं के लिए एक आकर्षक ऑफर पेश किया है। जो उपभोक्ता अपने घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाएंगे, उन्हें फिक्स्ड चार्ज और ऊर्जा शुल्क (Energy Charges) पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह कदम न केवल बिजली चोरी रोकने में मददगार साबित होगा, बल्कि उन लोगों को भी फायदा पहुंचाएगा जो अपने खर्च पर नियंत्रण रखना चाहते हैं। जानकारों का मानना है कि इस छूट के बाद प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगवाने की होड़ मच सकती है।

घरेलू उपभोक्ताओं का नया स्लैब: समझिए अपनी जेब का गणित

भले ही दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन स्लैब सिस्टम के आधार पर बिलिंग जारी रहेगी। 0 से 150 यूनिट तक खर्च करने वालों को 2.95 रुपये की दर से भुगतान करना होगा। इसके बाद 151 से 300 यूनिट के लिए 5.25 रुपये और 301 से 500 यूनिट के लिए 6.45 रुपये का रेट तय है। अगर आपका मासिक खर्च 500 यूनिट से ऊपर और 1000 यूनिट तक जाता है, तो आपको 7.10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। आयोग के इस संतुलित फैसले से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि निगमों ने इस स्लैब में भारी बढ़ोतरी की सिफारिश की थी।

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