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हरियाणा ईएसआई घोटाला: सीएम नायब सैनी ने 3 को किया सस्पेंड, 5 एमएस पर गिरेगी गाज

Apr 19, 2026 1:32 PM

हरियाणा। हरियाणा के स्वास्थ्य महकमे, खासकर ईएसआई (ESI) हेल्थ केयर सिस्टम में चल रहे 'रेफरल रैकेट' को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कड़ा रुख अख्तियार किया। चंडीगढ़ स्थित सचिवालय में हुई एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि श्रमिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और डॉक्टरों की अब खैर नहीं। पानीपत ईएसआई अस्पताल में सामने आई धांधली पर संज्ञान लेते हुए सीएम ने तीन कर्मचारियों को सस्पेंड करने के साथ-साथ पांच मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (MS) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर और प्राइवेट अस्पतालों की साठगांठ

जांच में सामने आया कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच पानीपत के ईएसआई अस्पताल से निजी अस्पतालों को रेफर करने के मामले में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। कई रेफरल स्लिप्स पर डॉक्टरों के हस्ताक्षर तक फर्जी पाए गए। मुख्यमंत्री ने उन 6 निजी अस्पतालों को तत्काल पैनल से बाहर करने का आदेश दिया है जिन्होंने जरूरत से ज्यादा रेफरल हासिल किए थे। इस घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका पता लगाने के लिए अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) मैदान में उतरेगा। प्रदेश भर के 133 निजी अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे ताकि यह पता चल सके कि कहीं अन्य जिलों में भी तो यह खेल नहीं चल रहा था।

क्षमता बढ़ाने पर जोर: 100 बेड का होगा पानीपत ईएसआई अस्पताल

कार्रवाई के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का रोडमैप भी रखा। उन्होंने पानीपत ईएसआई अस्पताल की क्षमता 75 से बढ़ाकर 100 बेड करने और वहां ऑपरेशन थिएटर के विस्तार के निर्देश दिए हैं। इसी तरह जगाधरी में 100 बेड और हिसार में डिस्पेंसरी को 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड किया जाएगा। सीएम ने अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया कि बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन अस्पतालों का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि श्रमिकों को समय पर इलाज मिल सके।

स्टाफ की कमी होगी दूर, आधुनिक होंगे उपकरण

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन को निर्देश दिए कि ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की कमी को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। अस्पतालों में पुरानी मशीनों की जगह आधुनिक मेडिकल उपकरण लगाए जाएंगे। सैनी ने जोर देकर कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही इस सिस्टम की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, और जो भी इसमें बाधा बनेगा, उस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

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