हरियाणा में पहली बार होगा ‘हरियाणा फिल्म फेस्टिवल’, रोहतक की SUPVA यूनिवर्सिटी में हर साल आयोजन
Mar 11, 2026 1:38 PM
रोहतक में हरियाणा सरकार ने राज्य की कला और फिल्म निर्माण को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री नायब सैनी की सरकार ने पहली बार ‘हरियाणा फिल्म फेस्टिवल’ आयोजित करने की घोषणा की है। यह महोत्सव हर साल रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (SUPVA) में आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है।
बजट दस्तावेज के पेज नंबर 71 के बिंदु 131 में इस परियोजना का उल्लेख किया गया है। हरियाणा के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी फिल्म फेस्टिवल के लिए राज्य सरकार ने बजट में अलग से प्रावधान किया है। आयोजन को सफल बनाने में राज्य का कला एवं संस्कृति विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
कलाकारों और युवाओं को मिलेगा नया मंच
हरियाणा फिल्म फेस्टिवल के जरिए क्षेत्रीय सिनेमा और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर मिलेगा। डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर्स, छात्र कलाकार और युवा निर्देशक भी इस मंच पर अपनी फिल्में प्रस्तुत कर सकेंगे।
इस तरह के आयोजनों से हरियाणवी भाषा, लोक संस्कृति और संगीत को भी व्यापक पहचान मिलती है। फिल्म फेस्टिवल के दौरान विभिन्न श्रेणियों में फिल्मों का प्रदर्शन और चर्चा सत्र भी आयोजित किए जाने की योजना है।
SUPVA यूनिवर्सिटी क्यों बनी आयोजन का केंद्र
रोहतक की SUPVA यूनिवर्सिटी राज्य में प्रदर्शन और दृश्य कलाओं की पढ़ाई के लिए प्रमुख संस्थान मानी जाती है। यहां एक्टिंग, डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग जैसे कई प्रोफेशनल कोर्स संचालित होते हैं।
यूनिवर्सिटी के कई छात्र पहले ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कार जीत चुके हैं। ऐसे में सरकार का मानना है कि इसी परिसर में फिल्म फेस्टिवल होने से छात्रों को इंडस्ट्री विशेषज्ञों से सीधे सीखने और संवाद का मौका मिलेगा।
हरियाणा की कला और सिनेमा को मिलेगा विस्तार
राज्य सरकार का मानना है कि यह आयोजन हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा। अभी तक राज्य की पहचान मुख्य रूप से खेल और कृषि के लिए रही है, लेकिन फिल्म और रचनात्मक कलाओं में भी नई संभावनाएं तेजी से उभर रही हैं।
फिल्म फेस्टिवल से स्थानीय कलाकारों, लेखकों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी काम के अवसर मिल सकते हैं। इससे हरियाणा में फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।