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हरियाणा में 'अपना घर' का सपना होगा सच: सरकार ने सदन में रखा मुफ्त प्लॉट का पूरा गणित

Mar 19, 2026 3:06 PM

हरियाणा। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश के गरीब और भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल द्वारा उठाए गए एक सवाल के जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का पूरा खाका सदन के पटल पर रखा। सरकार ने साफ कर दिया है कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन स्तर पर इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए तेजी से काम कर रही है। अब तक प्रदेश की करीब ढाई हजार ग्राम पंचायतों ने अपनी जमीन सरकार को इस नेक काम के लिए ऑफर की है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में अलॉटमेंट की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

आबादी के आधार पर तय होगा प्लॉट का साइज

सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए 'वन साइज फिट्स ऑल' का फॉर्मूला नहीं अपनाया है, बल्कि क्षेत्र की जरूरत और आबादी के घनत्व को देखते हुए अलग-अलग मॉडल तैयार किए हैं। पंचायत मंत्री ने सदन को बताया कि जिन गांवों की आबादी सामान्य है, वहां पात्र गरीब परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट दिए जाएंगे ताकि वे अपना सम्मानजनक आशियाना बना सकें। वहीं, 10 हजार से ज्यादा की आबादी वाले 'महाग्रामों' (Large Villages) में जमीन की उपलब्धता और मांग को देखते हुए 50-50 वर्ग गज के प्लॉट देने का निर्णय लिया गया है।

शहरों में भी गरीबों को मिलेगी जमीन

ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी गरीबों के लिए भी नायब सैनी सरकार ने ठोस योजना बनाई है। शहरों में बढ़ती जमीन की कीमतों और सीमित स्थान को देखते हुए गरीब परिवारों को 30-30 वर्ग गज के प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। सरकार का तर्क है कि इस वर्गीकरण से अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को योजना के दायरे में लाया जा सकेगा। पंचायत मंत्री पंवार ने सदन में जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य अंत्योदय की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है।

ग्राम पंचायतों ने दिखाई तत्परता, शुरू हुई कागजी कार्रवाई

इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदन में जवाब पेश होने तक 2500 पंचायतों ने अपनी सहमति दे दी है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन जमीनों का सीमांकन करें और पात्रता सूची को अंतिम रूप दें। विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा से यह भी संकेत मिले हैं कि सरकार इस योजना को मिशन मोड में चलाएगी ताकि अगले चुनाव से पहले एक बड़ा लाभार्थी वर्ग तैयार किया जा सके। विपक्ष ने हालांकि जमीन की लोकेशन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इन कॉलोनियों में बिजली, पानी और सड़कों का इंतजाम प्राथमिकता पर किया जाएगा।

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