हरियाणा के 3 लाख कर्मचारियों को सरकार की राहत: मिशन कर्मयोगी की डेडलाइन 31 मई तक बढ़ी
May 05, 2026 2:14 PM
हरियाणा। हरियाणा के सरकारी गलियारों में इन दिनों 'मिशन कर्मयोगी' की चर्चा जोरों पर है। प्रदेश सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए उन हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है, जो व्यस्त कार्यशैली के कारण अपना निर्धारित प्रशिक्षण कोर्स पूरा नहीं कर पाए थे। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी ताजा स्पष्टीकरण के अनुसार, आईजीओटी (iGOT) कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य पाठ्यक्रमों और व्यापक मूल्यांकन को पूरा करने की अंतिम तिथि अब बढ़ा दी गई है। इस कदम से राज्य के उन 3 लाख कर्मचारियों को सीधा फायदा होगा, जिन्हें शासन व्यवस्था में सुधार के लिए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
क्यों पड़ी समय सीमा बढ़ाने की जरूरत?
दरअसल, इससे पहले अनिवार्य पाठ्यक्रमों के कम से कम 50 प्रतिशत हिस्से को पूरा करने और व्यापक मूल्यांकन की समय सीमा 30 अप्रैल तय की गई थी। लेकिन, हाल के महीनों में विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों के चलते कर्मियों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई। कई विभागों और मंत्रालयों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर हवाला दिया था कि चुनावी व्यस्तता के कारण कर्मचारी अपना ऑनलाइन कोर्स पूरा नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासनिक आवश्यकताओं और कर्मचारियों के व्यावहारिक संकट को समझते हुए, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के परामर्श पर अब इस डेडलाइन को आगे खिसकाया गया है।
अब 31 मई तक का है समय, परफॉर्मेंस रिपोर्ट से भी जुड़ा है पेंच
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, रिपोर्टिंग वर्ष 2025-26 के लिए अनिवार्य पाठ्यक्रमों को पूरा करने की अंतिम तिथि अब 31 मई होगी। हालांकि, इसमें एक तकनीकी पेंच भी है। यह डेडलाइन तभी तक प्रभावी मानी जाएगी जब तक कर्मचारी अपनी 'एनुअल परफॉर्मेंस मूल्यांकन रिपोर्ट' (APAR) में स्व-मूल्यांकन (Self-Appraisal) पेश नहीं कर देता। यानी, 31 मई या स्व-मूल्यांकन पेश करने की तारीख, जो भी पहले हो, उस समय तक कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रशिक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की कार्यक्षमता और वार्षिक रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
क्या है मिशन कर्मयोगी और क्यों है यह जरूरी?
प्रधानमंत्री के 'मिशन कर्मयोगी' विजन के तहत हरियाणा सरकार चाहती है कि हर सरकारी सेवक अपनी कार्यप्रणाली में आधुनिकता और संवेदनशीलता लाए। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कर्मचारियों को तकनीकी कौशल, नैतिक व्यवहार और प्रशासनिक बारीकियों की ट्रेनिंग दी जा रही है। डेडलाइन बढ़ने से अब उन कर्मचारियों को सुविधा होगी जो फील्ड में तैनात थे। हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि मई के अंत तक शत-प्रतिशत कर्मचारी इस व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा बन जाएं, ताकि प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को अधिक चुस्त-दुरुस्त और 'कर्मयोगी' बनाया जा सके।