गुड़गांव में एक्शन: नशा तस्कर सतपाल का 8 मंजिला अवैध पीजी ढहाया, संकरी गलियों में ड्रिल मशीनों से हुई कार्रवाई
May 05, 2026 2:31 PM
गुड़गांव। साइबर सिटी में नशा तस्करों के खिलाफ हरियाणा सरकार और स्थानीय प्रशासन का 'हथौड़ा' रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को गुड़गांव के कन्हई इलाके में पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए कुख्यात नशा तस्कर सतपाल उर्फ कालू के अवैध पीजी (पेइंग गेस्ट) को ढहा दिया। संकरी गलियों के बीच खड़ी यह आठ मंजिला इमारत नशे के काले कारोबार से अर्जित अवैध धन का प्रतीक बनी हुई थी, जिसे आज प्रशासन ने मिट्टी में मिला दिया।
मशीनें नहीं पहुँचीं तो मजदूरों ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई के दौरान कन्हई की गलियों में भारी पुलिस बल की तैनाती देख इलाके में हड़कंप मच गया। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पीजी तक जाने वाले रास्ते बेहद संकरे थे, जिसके कारण जेसीबी या बड़ी मशीनें मौके तक नहीं पहुँच सकीं। लेकिन इरादे साफ थे। नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ ने नगर निगम के 50 से अधिक कुशल कर्मचारियों और ड्रिल मशीनों को मोर्चे पर लगाया। बुलडोजर की कमी को मजदूरों के हाथों और बिजली से चलने वाली ड्रिल मशीनों ने पूरा किया और देखते ही देखते अवैध निर्माण का ढांचा ढहने लगा।
नशे की रकम से खड़ा किया था 'किराये का कारोबार'
पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने इस संपत्ति को काफी समय पहले ही चिन्हित कर लिया था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि तस्कर सतपाल उर्फ कालू ने नशे के कारोबार से होने वाली कमाई को सफेद करने के लिए इस पीजी का निर्माण किया था।
संपत्ति का लेखा-जोखा और कार्रवाई के कारण:
अपराधिक रिकॉर्ड: आरोपी सतपाल पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं और वह पहले ही सजा काट चुका है।
अवैध कमाई: पीजी में रहने वाले हर व्यक्ति से करीब 7 हजार रुपये प्रतिमाह वसूले जाते थे।
फंडिंग का स्रोत: अधिकारियों के मुताबिक, इस किराये से मिलने वाली मोटी रकम का इस्तेमाल फिर से नशे की तस्करी के जाल को फैलाने में किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री के आदेश पर 'जॉइंट ऑपरेशन'
ड्यूटी मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी आर एस बाठ ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के उन सख्त आदेशों का हिस्सा है, जिसके तहत अपराधियों की कमर तोड़ना प्राथमिकता है। इस अभियान में केवल निगम और पुलिस ही नहीं, बल्कि बिजली विभाग भी शामिल रहा। कार्रवाई शुरू होते ही इमारत का कनेक्शन काट दिया गया। हालांकि, ड्रिल मशीनों को चलाने के लिए कुछ देर के लिए अस्थायी बिजली दी गई, जिसे डेमोलिशन पूरा होते ही स्थायी रूप से काट दिया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है कि गुड़गांव की गलियों में छिपा नशे का कारोबार अब सुरक्षित नहीं है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में ऐसे अन्य तस्करों की संपत्तियों की सूची भी तैयार है, जिन पर आने वाले दिनों में गाज गिरना तय है।