उकलाना में गैंगवार! भाजपा नेता प्रदीप सोनी पर हमला, क्रॉस फायरिंग में एक की मौत, इलाके में तनाव
May 05, 2026 3:50 PM
हिसार। प्रत्यक्षदर्शियों और दुकानदार नरेंद्र बॉबी के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 10:45 बजे की है। हाल ही में भाजपा में शामिल हुए प्रदीप सोनी अपनी गाड़ी से उतरकर कन्फेक्शनरी की दुकान पर सामान लेने पहुंचे थे। इसी दौरान एक बोलेरो गाड़ी वहां रुकी, जिसमें से हथियारों से लैस नकाबपोश युवक उतरे और सीधे सोनी पर टूट पड़े। दुकानदार का कहना है कि प्रदीप सोनी ने जान बचाने के लिए दुकान से बाहर दौड़ लगाई, लेकिन हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
आत्मरक्षा में चली गोली और बिछ गईं लाशें
खुद को घिरता देख प्रदीप सोनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली और फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। फायरिंग की इस चपेट में आकर आदमपुर के भाणा गांव निवासी शुभम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मुकेश, विवेक, पवन, सोनू और मोनू को शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गोलियां लगी हैं। हमलावरों की ओर से किए गए प्रहार में प्रदीप सोनी भी घायल हुए हैं, जिन्हें हिसार के अमनदीप अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुरानी रंजिश या सियासी रंजिश? पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
उकलाना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मामला पहली नजर में आपसी रंजिश का लग रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बूढ़ाखेड़ा निवासी पवन बेदी और प्रदीप सोनी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, 2 मई को ही प्रदीप सोनी ने धूमधाम से भाजपा जॉइन की थी और वे निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी निकिता गोयल के लिए मजबूती से फील्ड में उतरे हुए थे। ऐसे में इस हमले को चुनावी रंजिश से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
CM सैनी के दौरे से पहले बिगड़ा माहौल
यह घटना उस वक्त हुई है जब 7 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का उकलाना दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री यहाँ भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में रोड शो और जनसभा करने वाले हैं। वीआईपी मूवमेंट से ठीक पहले हुई इस गैंगवार जैसी घटना ने खुफिया विभाग और स्थानीय प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के रास्तों को सील कर दिया है। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। अब सवाल यह है कि क्या यह महज एक आपसी रंजिश थी या चुनाव की 'चौधर' को लेकर बुना गया कोई खूनी जाल? इसका जवाब पुलिस की तफ्तीश के बाद ही मिल पाएगा।