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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब आई-कार्ड से होगी पढ़ाई, QR कोड खोल देगा ज्ञान का खजाना

Apr 20, 2026 2:03 PM

हरियाणा। हरियाणा में सरकारी शिक्षा के ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। रोहतक समेत पूरे प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में अब 'निपुण पहचान पत्र' योजना लागू की जा रही है।

शिक्षा विभाग का यह प्रयास न केवल बच्चों को एक विशिष्ट पहचान देगा, बल्कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक संसाधनों से लैस भी करेगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसे लर्निंग और टेक्नोलॉजी के संगम के तौर पर तैयार किया गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के अभिभावक भी अपने बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय रूप से शामिल हो सकेंगे।

आई-कार्ड के पीछे छिपा है 'डिजिटल स्कूल'

पहली नजर में यह कार्ड किसी सामान्य पहचान पत्र जैसा ही दिखेगा, जिस पर बच्चे का नाम, स्कूल और माता-पिता का विवरण दर्ज होगा। लेकिन इसकी असली ताकत इसके पीछे दिए गए QR कोड में छिपी है।

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (रोहतक) दिलजीत सिंह के अनुसार, इस कोड को स्कैन करते ही अभिभावक सीधे उस कक्षा के वीडियो लेसन और ई-कंटेंट तक पहुंच जाएंगे। यानी अगर बच्चा स्कूल में कुछ समझ नहीं पाया, तो घर पर माता-पिता मोबाइल के जरिए उस विषय को आसानी से दोहरा सकेंगे। यह तकनीक 'निपुण हरियाणा मिशन' के उद्देश्यों को जमीन पर उतारने का काम करेगी।

सुरक्षा के साथ शिक्षा का सुरक्षा कवच

अक्सर सरकारी स्कूलों में अभिभावकों की शिकायत रहती थी कि उन्हें पाठ्यक्रम की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती। अब इस डिजिटल पहचान पत्र से न केवल छात्र की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उसका 'SRN नंबर' और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट हमेशा उसके साथ रहेगा।

शिक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से 'ड्रॉपआउट' रेट कम होगा और बच्चों में स्कूल आने के प्रति उत्साह बढ़ेगा। यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी, जो अपने बच्चों को ट्यूशन नहीं भेज सकते, क्योंकि अब गुणवत्तापूर्ण वीडियो ट्यूटोरियल उनके आई-कार्ड के जरिए मुफ्त में उपलब्ध होंगे।

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