हरियाणा में नशा तस्करों की शामत: 63 अपराधियों की बुढ़ापा और अन्य पेंशन बंद, सरकार का कड़ा एक्शन
Mar 26, 2026 1:25 PM
हरियाणा। हरियाणा में नशे के खिलाफ चल रही जंग अब सिर्फ जेल की सलाखों तक सीमित नहीं रही है। प्रदेश सरकार ने नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए एक कड़ा प्रहार किया है। राज्य के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखने वाले 63 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो एक तरफ तो समाज में जहर घोलने का काम कर रहे थे और दूसरी तरफ सरकार से मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ उठा रहे थे। समाज कल्याण विभाग ने इन सभी 63 आरोपियों की पेंशन पर 'परमानेंट कट' लगा दिया है।
13 श्रेणियों के लाभार्थियों पर गिरी गाज
हरियाणा सरकार फिलहाल बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों सहित कुल 13 अलग-अलग श्रेणियों में सामाजिक पेंशन प्रदान करती है। जांच में सामने आया कि ये 63 अपराधी इन्हीं योजनाओं के तहत लाभार्थी बने हुए थे। विभाग की इस कार्रवाई का संदेश साफ है—जो लोग समाज को खोखला कर रहे हैं, उन्हें समाज कल्याण की योजनाओं का लाभ लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने के बाद समाज कल्याण विभाग ऐसी और भी सूचियां तैयार कर रहा है, ताकि आने वाले समय में और भी 'काली भेड़ों' को सिस्टम से बाहर किया जा सके।
नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस': आंकड़ों की जुबानी
प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई में भी जबरदस्त तेजी आई है। साल 2024 में जहां 3,330 एफआईआर दर्ज हुई थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 3,738 तक पहुंच गया है। गिरफ्तारियों के मामले में भी पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है; पिछले साल के 6,095 के मुकाबले इस साल 7,053 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। सबसे बड़ी कार्रवाई आर्थिक मोर्चे पर हुई है, जहां 144 बड़े तस्करों की करीब 13.50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की गई है।
अपराधियों में हड़कंप, समाज में स्वागत
सरकार के इस फैसले का आम जनता ने स्वागत किया है। जानकारों का कहना है कि जब तक अपराधियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं और उनकी काली कमाई पर प्रहार नहीं होगा, तब तक नशे के नेटवर्क को तोड़ना मुश्किल है। हरियाणा सरकार की यह नीति अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकती है। फिलहाल, पुलिस विभाग अंतरराज्यीय तस्करों के नेटवर्क को खंगालने में जुटा है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी कुर्की और पेंशन बंदी की खबरें देखने को मिल सकती हैं।