हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब बैंक से आएंगे 2 OTP, रुक जाएगी बुजुर्गों से साइबर ठगी
Mar 17, 2026 3:24 PM
हरियाणा। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान आज साइबर अपराध की चुनौतियों पर तीखी चर्चा देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने प्रदेश में बढ़ते साइबर फ्रॉड का मुद्दा उठाते हुए सुधार की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि साइबर अपराध के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए गुरुग्राम और फरीदाबाद में विशेष कमिश्नरेट स्थापित किए जाने चाहिए। विपक्ष के इन सवालों पर सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने मोर्चा संभाला और दावा किया कि प्रदेश में साल-दर-साल साइबर अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है।
बुजुर्गों को 'डिजिटल अरेस्ट' से बचाएगा 'फैमिली OTP' कवच
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने साइबर ठगों के नए पैंतरे 'डिजिटल अरेस्ट' पर गहरी चिंता व्यक्त की। सीएम ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि अक्सर 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग साइबर अपराधियों के निशाने पर होते हैं। ठग उन्हें डरा-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट कर लेते हैं और लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लेते हैं। अब ऐसी स्थिति को रोकने के लिए बैंक ट्रांजैक्शन के वक्त दो OTP भेजे जाएंगे। पहला ओटीपी संबंधित बुजुर्ग के पास जाएगा, जबकि दूसरा ओटीपी उनके बेटे, बेटी या परिवार के किसी विश्वसनीय सदस्य के पास पहुंचेगा। इससे परिवार को तुरंत पता चल जाएगा कि कोई बड़ी राशि ट्रांसफर की जा रही है और वे समय रहते बुजुर्ग की मदद कर सकेंगे।
साइबर ठगी पर वार: 1930 डायल करते ही दर्ज होगी 'जीरो एफआईआर'
मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि साइबर पुलिस अब तकनीक के मामले में ठगों से दो कदम आगे चल रही है। उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति 1930 हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराता है, सिस्टम तुरंत हरकत में आ जाता है। विभिन्न बैंकों में तैनात नोडल अधिकारी संदिग्ध खातों को तुरंत फ्रीज कर देते हैं ताकि ठगी गई राशि को निकाला न जा सके। इसके अलावा, सरकार ने 'जीरो एफआईआर' की व्यवस्था भी अनिवार्य कर दी है, जिससे पीड़ित को थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बजट में तीन नए विशेष साइबर थाने खोलने का प्रावधान भी किया गया है ताकि जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
बैंक और पुलिस का तालमेल तोड़ेगा ठगों का जाल
सरकार का फोकस अब उन 'मल्टीपल अकाउंट्स' पर है जिनका इस्तेमाल ठग पैसा घुमाने के लिए करते हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पुलिस की साइबर सेल और बैंकों के बीच रियल-टाइम समन्वय स्थापित किया गया है। डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में बुजुर्ग अक्सर घंटों तक अपराधियों के दबाव में रहते हैं, लेकिन अब दूसरे मोबाइल नंबर पर OTP जाने से यह दबाव का चक्र टूट जाएगा। यह पहल न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए साइबर सुरक्षा का एक नया मॉडल साबित हो सकती है।