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बेटियों वाले परिवारों की चांदी! हरियाणा सरकार की लाडली पेंशन योजना में अब मिलेंगे साल के 36 हजार रुपये

Apr 20, 2026 5:42 PM

हरियाणा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में लिंगानुपात सुधारने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाने के लिए 'लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता' योजना के जरिए एक बड़ा दांव खेला है। साल 2016 में शुरू की गई यह योजना आज उन परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिन्होंने केवल बेटियों के साथ अपना जीवन व्यतीत करने का फैसला किया है।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि परिवार का गौरव हैं। इस योजना के माध्यम से सरकार उन माता-पिता को सम्मानित और आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है, जिनके घर में बेटा नहीं है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ? शर्तों को समझना जरूरी

इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य मानक तय किए हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि परिवार में केवल बेटियां ही होनी चाहिए। यदि किसी परिवार में बेटा है, तो वह इस योजना का पात्र नहीं होगा। इसके अलावा, माता या पिता में से किसी एक की आयु 45 वर्ष पूरी होनी अनिवार्य है।

योजना का लाभ अधिकतम 15 वर्षों तक यानी लाभार्थी के 60 वर्ष का होने तक मिलता है। एक बार 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर, इस भत्ते को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (बुढ़ापा पेंशन) में तब्दील कर दिया जाता है। साथ ही, आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना और परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होना भी जरूरी है।

बैंक खाते में सीधा लाभ और आवेदन की सरल प्रक्रिया

सरकार ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सहायता राशि सीधे माता के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की है। यदि माता जीवित नहीं है, तो यह राशि पिता के खाते में जमा की जाती है। आवेदन के लिए अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।

इच्छुक परिवार अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र (CSC) या अंत्योदय सरल केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

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