पोर्टल और अंगूठे के चक्कर में फंसा किसान, जींद में तालाबंदी कर किसानों ने दी हरियाणा जाम की धमकी
Apr 20, 2026 5:25 PM
जींद। हरियाणा की मंडियों में गेहूं की आवक के बीच अब तकनीक और व्यवस्था को लेकर तकरार शुरू हो गई है। जींद के जुलाना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और मार्केट कमेटी के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया।
किसानों का आरोप है कि सरकार नित नए पोर्टल और सिस्टम लागू करके किसानों को मंडियों में परेशान कर रही है। प्रदर्शनकारी किसानों ने करीब 4 घंटे तक गेट के सामने डेरा डाले रखा और सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। किसानों का साफ कहना है कि बायोमेट्रिक की यह नई शर्त किसानों को फसल बेचने से रोकने की एक साजिश है।
"जब KYC हो चुकी, तो अंगूठा क्यों लगवा रही सरकार?"
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। किसानों का तर्क है कि जब 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पहले ही किसानों की तमाम जानकारी और केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फिर मंडियों में बायोमेट्रिक हाजिरी का क्या औचित्य है? किसानों के मुताबिक, कई बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते, जिससे उन्हें अपनी ही फसल बेचने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस "काले कानून" को वापस नहीं लिया, तो वे पूरे हरियाणा को जाम कर देंगे और मुख्यमंत्री का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासनिक मुस्तैदी और खरीद का दावा
दूसरी ओर, इस तालाबंदी के बाद मंडी प्रशासन और पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। जुलाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया और गेट का ताला खुलवाया। मार्केट कमेटी की सेक्रेटरी कोमिला ने हालांकि स्वीकार किया कि किसानों में रोष है, लेकिन उनका कहना है कि सरकारी आदेशों के पालन में ही खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो किसान पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, उनके लिए पोर्टल फिर से खोला जाना चाहिए। प्रशासन का दावा है कि तालाबंदी के बावजूद मंडी का कामकाज बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ और गेहूं की खरीद व भुगतान प्रक्रिया नियमों के तहत जारी है।