बजट सत्र का बड़ा फैसला: हरियाणा में एक एकड़ से कम जमीन के एक्सचेंज के लिए लेनी होगी मंजूरी
Mar 19, 2026 5:19 PM
हरियाणा के शहरी इलाकों में जमीन की हेराफेरी और अवैध कॉलोनियों के मकड़जाल को तोड़ने के लिए नायब सैनी सरकार ने एक बड़ा विधायी कदम उठाया है। चंडीगढ़ में संपन्न हुए विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन 'हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026' को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस कानून के जरिए सरकार ने उस 'लूपहोल' को बंद कर दिया है, जिसका फायदा उठाकर भू-माफिया सस्ती जमीन के बदले प्राइम लोकेशन की महंगी जमीन हथिया लेते थे। अब शहरों से सटे अधिसूचित क्षेत्रों में किसी भी तरह की जमीन की अदला-बदली बिना सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के संभव नहीं होगी।
धारा 7-A में हुआ बड़ा बदलाव, 30 जनवरी से लागू होंगे नियम
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य जमीन लेने के फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करना है। कानून की धारा 7-A में अब ‘पट्ट’ (Lease) के साथ ‘विनिमय विलेख’ (Exchange Deed) शब्द को भी जोड़ दिया गया है। इसका सीधा असर यह होगा कि अब यदि कोई व्यक्ति एक एकड़ से कम भूमि को बदलने का प्रयास करता है, तो उसे नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या संबंधित अधिकारी से एनओसी (NOC) लेनी होगी। यह नियम 30 जनवरी की पिछली तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा, जिससे हाल के दिनों में हुए संदिग्ध लेन-देन भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
अवैध कॉलोनियों पर कसेगा शिकंजा, रजिस्ट्री में आएगी पारदर्शिता
अक्सर देखा गया है कि शहरों के बाहरी हिस्सों में अवैध कॉलोनियां काटने के लिए छोटे-छोटे टुकड़ों में जमीनों की अदला-बदली दिखाई जाती थी, ताकि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की नजरों से बचा जा सके। नए कानून के बाद अब ऐसी रजिस्ट्री सीधे तौर पर नहीं हो पाएंगी। सरकार का मानना है कि इस सख्ती से न केवल राजस्व की चोरी रुकेगी, बल्कि उन आम लोगों के हितों की भी रक्षा होगी जो अनजाने में अवैध कॉलोनियों में निवेश कर अपना पैसा फंसा देते हैं।
प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन समेकन हुआ आसान
सत्र के दौरान 'हरियाणा परियोजना भूमि समेकन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक' को भी हरी झंडी दी गई है। यह विधेयक उन परियोजनाओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा जहां बीच-बीच में छोटे भू-खंड (Leftover patches) रह जाने के कारण काम रुक जाता था। अब सरकार के पास इन छोटे टुकड़ों को समेकित करने का विशेष अधिकार होगा, जिससे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure Projects) को समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने इसे 'भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा' की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बताया है।