खुशखबरी: हरियाणा में जिन घरों में बेटी की शादी, उन्हें प्राथमिकता पर मिलेगा गैस सिलेंडर
Mar 16, 2026 10:20 AM
हरियाणा। चंडीगढ़ से लेकर गुरुग्राम और सिरसा तक रसोई गैस की किल्लत ने आम आदमी के चूल्हे की रफ्तार धीमी कर दी है। इजरायल-ईरान युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे संकट का असर अब हरियाणा की गलियों में सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतारों के रूप में दिख रहा है। इस अफरातफरी को रोकने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिला स्तर पर कमान उपायुक्तों (DC) को सौंप दी है। अब जिले का प्रशासनिक अमला यह तय करेगा कि गैस की कालाबाजारी न हो और जरूरतमंदों तक सप्लाई समय पर पहुंचे।
बेटियों की शादी वाले घरों को बड़ी राहत
प्रदेश में शादियों का सीजन शबाब पर है, ऐसे में सिलेंडर न मिलना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं था। सरकार ने संवेदनशील फैसला लेते हुए आदेश दिया है कि जिन घरों में शादी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर मुहैया कराए जाएंगे। विशेषकर 'बेटियों की शादी' वाले कार्ड दिखाने पर प्रशासन तुरंत सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (DFSC) को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सुबह तेल कंपनियों के स्टॉक की जांच करें ताकि जिले में कम से कम 20 प्रतिशत का 'बफर स्टॉक' हमेशा बना रहे।
अस्पतालों और हॉस्टलों के लिए बनेगा स्पेशल कोटा
नए आदेशों के तहत कमर्शियल एलपीजी की कुल दैनिक खपत का 20 फीसदी हिस्सा अब सीधे राज्य सरकार के नियंत्रण में रहेगा। इस कोटे का इस्तेमाल अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, स्कूलों और छात्रवासों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। जिला स्तरीय कमेटी, जिसमें एसपी, सीएमओ और जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं, यह सुनिश्चित करेगी कि जीवन रक्षक सेवाओं और बच्चों की पढ़ाई में गैस की कमी आड़े न आए। होटल-रेस्तरां जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब बचा हुआ स्टॉक ही वितरित किया जाएगा।
युद्ध के साये में गैस के लिए मारामारी
भले ही सरकार दावा कर रही है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने आयात पर असर डाला है, जिससे हरियाणा की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 4 बजे से ही खाली सिलेंडर लेकर लोग खड़े नजर आ रहे हैं। इस संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि गैस वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए कमेटी की रिपोर्ट प्रतिदिन मुख्यालय भेजी जाएगी, ताकि स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सके।