Search

हरियाणा में कल से सरसों की सरकारी खरीद, जानिए मंडी जाने से पहले जरूरी बातें

Mar 27, 2026 5:29 PM

हरियाणा।  हरियाणा के किसानों के लिए कल का दिन बेहद अहम है। प्रदेश की मंडियों में शनिवार, 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी। रेवाड़ी जिले की बात करें तो यहां लगभग 56,000 किसानों ने 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। मंडी सचिव सत्य प्रकाश यादव और मनीष कुमार ने नई अनाज मंडी का दौरा कर तैयारियों का अंतिम जायजा लिया। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि किसान की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तीन गवाहों वाली खबर महज अफवाह, खुद किसान बेच सकेंगे फसल

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और गांवों में यह चर्चा थी कि इस बार सरसों बेचने के लिए मंडी में तीन गवाह साथ लाने होंगे। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंडी अधिकारियों ने कहा कि यह महज एक अफवाह है। किसान अपने पंजीकरण के आधार पर स्वयं अपनी फसल ला सकता है। यदि किसान खुद आने में असमर्थ है, तो वह अपने परिवार या जान-पहचान के अधिकतम तीन अन्य व्यक्तियों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिकृत कर सकता है। इसके अलावा, ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट को लेकर भी नरमी बरती गई है; यदि किसी कारणवश ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं है, तो भी किसान को मंडी में आने से रोका नहीं जाएगा।

एमएसपी बनाम निजी बाजार: किसानों के चेहरे पर रौनक

इस साल केंद्र सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। दिलचस्प बात यह है कि सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही निजी खरीदार (प्राइवेट प्लेयर्स) मंडियों में सक्रिय हैं और किसानों को 5,500 से लेकर 6,700 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव दे रहे हैं। एमएसपी से ऊपर दाम मिलने के कारण कई किसानों ने पहले ही निजी हाथों में अपनी फसल बेचना शुरू कर दिया है। रेवाड़ी मंडी में अब तक 50,000 क्विंटल से अधिक सरसों की निजी खरीद हो चुकी है।

मंडियों में व्यवस्थाएं दुरुस्त, अटल कैंटीन में नहीं होगी किल्लत

किसानों और पल्लेदारों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में स्थित अटल कैंटीन को भी अलर्ट पर रखा गया है। हाल ही में गैस की आपूर्ति को लेकर उठी चिंताओं पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कैंटीन में ईंधन और राशन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पीने के पानी और छाया की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। मंडी अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को सुखाकर लाएं ताकि नमी (Moisture) के कारण उन्हें दाम मिलने में कोई परेशानी न हो।

You may also like:

Please Login to comment in the post!