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हरियाणा में जमीन खरीदना हुआ महंगा! 1 अप्रैल से लागू होंगे नए कलेक्टर रेट, देखें अपने शहर की लिस्ट

Mar 30, 2026 1:37 PM

हरियाणा। यदि आप हरियाणा में प्लॉट, फ्लैट या कृषि भूमि खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके पास पुराने रेट पर डील फाइनल करने के लिए अब चंद घंटे ही बचे हैं। राज्य की नायब सैनी सरकार ने नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से कलेक्टर रेट (सरकारी दर) में भारी बढ़ोतरी की तैयारी पूरी कर ली है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी प्रस्तावित दरों ने रियल एस्टेट बाजार में हलचल मचा दी है। कई प्राइम लोकेशन पर यह इजाफा 25 से 75 प्रतिशत तक देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री के खर्च पर पड़ेगा।

गुरुग्राम: बजघेड़ा में एक एकड़ जमीन अब 7.5 करोड़ के पार

साइबर सिटी गुरुग्राम में जमीन के दाम पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर हैं, लेकिन नई लिस्ट आने के बाद यहां की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण होने वाली है। प्रस्तावित दरों के मुताबिक, बजघेड़ा इलाके में अभी एक एकड़ कृषि भूमि का सरकारी रेट करीब 4.30 करोड़ रुपये है, जो 1 अप्रैल से बढ़कर 7.53 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा। इसी तरह, सराय अलावर्दी और सुखराली जैसे रिहायशी इलाकों में भी 75% तक की बढ़ोतरी संभावित है। हिदायतपुर में रिहायशी जमीन, जो पहले 27,500 रुपये प्रति गज थी, अब बढ़कर 48,125 रुपये प्रति गज तक पहुंच सकती है।

हिसार: अग्रोहा बना सबसे 'हॉट' डेस्टिनेशन, रिहायशी इलाकों में भी तेजी

हिसार जिले की बात करें तो यहां विकास की रफ़्तार के साथ जमीन के रेट भी भाग रहे हैं। ऐतिहासिक अग्रोहा क्षेत्र में कलेक्टर रेट में 75% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जिससे वहां व्यावसायिक संपत्तियां खरीदना अब आम आदमी की पहुंच से दूर हो सकता है। शहर के पॉश इलाकों जैसे सेक्टर-13 और 14P में रिहायशी रेट 56,925 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, गंगवा के अशोक विहार और नंद विहार जैसे उभरते रिहायशी क्षेत्रों में भी 30% से 45% तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।

क्यों बढ़ रहे हैं रेट और क्या होगा असर?

जानकारों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के विकास, नए एक्सप्रेसवे और शहरी विस्तार के कारण बाजार भाव (Market Rate) और कलेक्टर रेट के बीच का अंतर काफी बढ़ गया था। सरकार इस अंतर को कम कर राजस्व बढ़ाना चाहती है। हालांकि, इस फैसले का दूसरा पहलू यह भी है कि रजिस्ट्री महंगी होने से मिडिल क्लास के लिए घर खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा। 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहने वाली इन नई दरों को सभी जिलों की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि पारदिर्शता बनी रहे।

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