हरियाणा विजिलेंस में बड़ा फेरबदल: IPS वसीम अकरम और उपासना संभालेंगे बैंक फ्रॉड की जांच
Mar 30, 2026 1:44 PM
हरियाणा। हरियाणा में पिछले कुछ समय से बैंक फ्रॉड और सफेदपोश अपराधों के ग्राफ में आई तेजी ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में प्रदेश की जांच एजेंसी, 'एंटी करप्शन ब्यूरो' (ACB) को और अधिक धारदार बनाने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस महकमे के अनुभवी चेहरों को मोर्चे पर तैनात किया है। डीजीपी अजय सिंघल द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, दो IPS अधिकारियों—वसीम अकरम और उपासना—सहित पांच SPS अधिकारियों को विजिलेंस ब्यूरो के साथ अटैच किया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम उन बड़े बैंक घोटालों की फाइलों को फिर से खोलने और तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है, जो लंबे समय से अधर में लटकी थीं।
विशेषज्ञता का लाभ: जटिल कड़ियों को जोड़ेंगे अफसर
बैंक धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर तकनीकी पेचदगियां और लंबी कागजी कार्यवाही शामिल होती है। IPS वसीम अकरम और उपासना जैसे अधिकारियों की साख एक सख्त और तकनीक-प्रेमी अन्वेषक (Investigator) के रूप में रही है। इन अधिकारियों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाने वाले गिरोहों और उनके मददगारों का पर्दाफाश करना है। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस ब्यूरो अब केवल रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 'आर्थिक अपराध' (Economic Offences) इसकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर होंगे।
भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश
राज्य सरकार के इस कदम को भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर विजिलेंस में डेपुटेशन या अटैचमेंट तब किया जाता है जब किसी विशेष क्षेत्र (जैसे बैंकिंग या साइबर) में विशेषज्ञता की कमी महसूस हो रही हो। इन सात अधिकारियों के आने से न केवल जांच की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि कोर्ट में मामलों के ट्रायल के दौरान पुख्ता सबूत पेश करने में भी मदद मिलेगी।
प्रशासनिक हलकों में हलचल
अचानक हुई इन तैनातियों ने उन विभागों और व्यक्तियों के बीच हड़कंप मचा दिया है, जो किसी न किसी रूप में वित्तीय अनियमितताओं की रडार पर हैं। पुलिस विभाग के भीतर भी इस बदलाव को एक सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अब पेशेवर योग्यता वाले अधिकारियों को सीधे तौर पर जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए भेजा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये 'स्पेशल-7' अधिकारी हरियाणा में बैंक धोखाधड़ी की कितनी बड़ी कड़ियों को बेनकाब करते हैं।