राज्यसभा की बिसात पर 'धोखे' का खेल: देवेंद्र कादियान ने इनेलो के अर्जुन और आदित्य को घेरा
Mar 19, 2026 1:14 PM
हरियाणा। हरियाणा के गलियारों में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब आरोपों का दौर शुरू हो गया है। गन्नौर से निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है। कादियान का कहना है कि बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को मैदान में उतारने की पटकथा खुद इनेलो ने लिखी थी, लेकिन जब रणभूमि में डटने का समय आया, तो इनेलो के दोनों विधायक—अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल—मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए। कादियान के मुताबिक, यदि इन दोनों विधायकों का साथ मिलता, तो कांग्रेस की हार तय थी और सतीश नांदल आज सदन में होते।
"पर्चा साथ भरा, पर वोट नहीं दिया": कादियान का बड़ा खुलासा
मीडिया से मुखातिब होते हुए देवेंद्र कादियान ने जो जानकारी साझा की, वह हरियाणा की सियासत में चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने बताया कि सतीश नांदल का नामांकन पत्र दाखिल करवाने के लिए जो 5 विधायक प्रस्तावक बने थे, उनमें तीन निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल भी शामिल थे। कादियान ने सवाल उठाया कि जब इनेलो के विधायक खुद नामांकन करवाने गए थे, तो फिर वोटिंग के दिन यानी 16 मार्च को वे कहां गायब थे? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमने पूरे दिन उनका इंतजार किया, लेकिन वे नहीं आए।
चश्मे की लाज और सियासी लिहाज: आदित्य देवीलाल पर तीखा वार
भावुक होते हुए देवेंद्र कादियान ने आदित्य देवीलाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आदित्य सदन में स्वर्गीय जननायक चौधरी देवीलाल का चश्मा लेकर आए थे। कादियान ने कहा, "मैंने उस चश्मे को नमन किया था क्योंकि वह एक महान विरासत का प्रतीक है, लेकिन अफसोस कि आदित्य ने उस चश्मे की गरिमा और अपने वादे का लिहाज नहीं रखा।" कादियान का इशारा साफ था कि चौधरी देवीलाल की विचारधारा की बात करने वाली इनेलो ने इस चुनाव में अपनी ही बात से पलटकर विपक्षी एकता या अपनी खुद की रणनीति को चोट पहुंचाई है।
क्रॉस वोटिंग पर सस्पेंस खत्म: "हरियाणा जान चुका है वो 5 चेहरे"
जब कादियान से उन 5 विधायकों के बारे में पूछा गया जिन्होंने कांग्रेस के खिलाफ जाकर क्रॉस वोटिंग की, तो उन्होंने बेबाकी से कहा कि पूरा हरियाणा अब उन चेहरों को पहचान चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि वे खुद उन पांचों विधायकों के पास वोट मांगने गए थे और उन लोगों ने सतीश नांदल के पक्ष में मतदान भी किया। हालांकि, इनेलो के मुकर जाने की वजह से सतीश नांदल महज एक वोट के फासले से पीछे रह गए। इस खुलासे के बाद अब इनेलो बैकफुट पर है और राजनीतिक विश्लेषक इसे हरियाणा में भविष्य के नए समीकरणों के तौर पर देख रहे हैं।