Jag Marg Breaking: हरियाणा राज्यसभा चुनाव रिजल्ट, 16 घंटे के ड्रामे के बाद भाटिया और बौद्ध जीते, कांग्रेस में हुई 2 क्रॉस वोटिंग
Mar 17, 2026 1:24 AM
चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा चुनाव को लेकर 16 घंटे तक चले थका देने वाले सियासी ड्रामे के बाद आखिरकार नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। भारी उठापटक, क्रॉस वोटिंग और एक वोट के रद्द होने के बीच भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध ने अपनी-अपनी सीट पर जीत दर्ज कर ली है। भाजपा के प्रच्छन्न समर्थन से मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा। आधी रात के बाद 1 बजकर 10 मिनट पर आए इस चुनावी नतीजे ने दोनों प्रमुख दलों को एक-एक सीट तो दे दी, लेकिन कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
हुड्डा का दर्द छलका, बोले- हमने अग्निपरीक्षा पास की
चुनाव नतीजे आने के बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चेहरे पर जीत की खुशी से ज्यादा क्रॉस वोटिंग की टीस नजर आई। उन्होंने मीडिया के सामने खुले तौर पर स्वीकार किया कि कांग्रेस के सामने यह चुनाव एक बेहद बड़ी चुनौती थी और पार्टी के भीतर दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। हुड्डा ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिन लोगों ने ऐन मौके पर पार्टी के साथ धोखा किया है, हरियाणा की जनता उनसे इसका बदला जरूर लेगी। उन्होंने इस पूरे चुनाव को कांग्रेस के लिए एक अग्निपरीक्षा करार दिया जिसे पार्टी ने भारी मुश्किलों के बाद पास कर लिया है।
सीक्रेसी लीक विवाद और चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन
मतदान के दौरान सीक्रेसी लीक (गोपनीयता भंग) होने का विवाद इस राज्यसभा चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। शाम 4:30 बजे भाजपा और कांग्रेस की क्रॉस शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लेते हुए टोहाना से कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट पूरी तरह रद्द कर दिया। हालांकि चुनाव आयोग की सघन जांच में कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल और प्रदेश के कद्दावर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के मतों को वैध (वैलिड) माना गया। परमवीर सिंह का एक वोट रद्द होने से कांग्रेस खेमे में देर रात तक भारी घबराहट और हार का डर बना रहा।
इनेलो का बहिष्कार और 16 घंटे का घटनाक्रम
हरियाणा की 90 सदस्यों वाली विधानसभा में इस बार केवल 88 विधायकों ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायकों—अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल—ने दोपहर 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। इस मतदान का पूरा सिलसिला सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पहले वोट के साथ शुरू हुआ था और ठीक दोपहर 3:30 बजे विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने 88वां और आखिरी वोट डाला।
रात के अंधेरे में चुनाव आयोग का दखल और फैसला
शाम 4 बजे वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे के विधायकों पर लिखित आपत्तियां दर्ज करा दीं, जिससे शाम 5 बजे शुरू होने वाली मतगणना पूरी तरह खटाई में पड़ गई। कई घंटों की भारी अनिश्चितता और चुनाव आयोग से पत्राचार के बाद रात 10:25 बजे दिल्ली से आयोग का आधिकारिक ईमेल आया। इसके बाद ही बैलेट पेपर की कड़ी स्क्रीनिंग शुरू हो सकी। अंततः रात 1:10 बजे चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा की गई, जिसने हरियाणा की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कई नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।