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हरियाणा में समय से पहले तपाने लगी गर्मी, क्या आने वाली बारिश बचाएगी झुलसती फसलों और बेहाल जनता को?

Mar 12, 2026 10:15 AM

हरियाणा।  हरियाणा में इस साल मार्च के महीने ने ही जेठ की तपिश का अहसास कराना शुरू कर दिया है। सूरज के तीखे तेवर और चढ़ते पारे ने न केवल आम जनजीवन को बेहाल किया है, बल्कि किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालांकि, मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी राहत की एक धुंधली ही सही, लेकिन उम्मीद लेकर आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने वाले हैं, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मेघ बरस सकते हैं।

सामान्य से 8 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा: आखिर क्यों तप रहा है हरियाणा?

आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति सामान्य से काफी अलग है। प्रदेश के कम से कम 6 जिलों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है, जो इस मौसम के औसत तापमान से लगभग 8 डिग्री अधिक है। आमतौर पर मार्च के मध्य में तापमान 27 से 28 डिग्री के आसपास रहना चाहिए, लेकिन फिलहाल यह 34 से 35 डिग्री के बीच झूल रहा है।

सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब सुकून नहीं दे रही हैं। न्यूनतम तापमान जो अमूमन 11-12 डिग्री होना चाहिए, वह 16 से 17 डिग्री के स्तर पर पहुंच गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवाओं के बदलते रुख और वायुमंडल में नमी की कमी के चलते मार्च की शुरुआत में ही मई जैसी गर्मी का अनुभव हो रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: कब-कब होगी बारिश?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 मार्च से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इससे कड़ी धूप से थोड़ी राहत मिलेगी।

14 मार्च: एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

15 मार्च: बारिश का दायरा बढ़ेगा और प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।

19 मार्च: एक और मध्यम श्रेणी का विक्षोभ दस्तक देगा, जिसका असर हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में भी देखने को मिलेगा।

खेती और सेहत पर क्या होगा असर?

समय से पहले बढ़ी यह गर्मी रबी की फसलों, खासकर गेहूं के लिए खतरे की घंटी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो गेहूं का दाना समय से पहले पक सकता है, जिससे पैदावार में कमी आने का डर है। ऐसे में यह संभावित बारिश फसलों के लिए किसी 'संजीवनी' से कम नहीं होगी।

दूसरी ओर, अचानक बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। दिन में तेज गर्मी और बारिश के बाद होने वाली ठंडक वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम का कारण बन सकती है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग ठंडे पानी के सेवन से बचें और शरीर को मौसम के अनुकूल ढालने की कोशिश करें।

बारिश के इन स्पेल के बीच में धूप भी अपना असर दिखाएगी। 16 मार्च को मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे तापमान फिर से 30-32 डिग्री तक जा सकता है। कुल मिलाकर, आने वाला एक हफ्ता हरियाणा के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।

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