गेहूं खरीद 2026: ई-गेट पास और बायोमेट्रिक से होगी एंट्री, बिचौलियों का खेल खत्म करने की तैयारी
Mar 20, 2026 5:45 PM
चंडीगढ़। हरियाणा के अन्नदाता के लिए रबी सीजन की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की नायब सैनी सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर इस बार 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—खरीद प्रणाली से बिचौलियों और फर्जी एंट्री को बाहर करना। इसके लिए रबी विपणन सीजन 2026 हेतु नई 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) जारी कर दी गई है। इन नए नियमों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पड़ोसी राज्यों का गेहूं हरियाणा की मंडियों में खपाने की फिराक में रहते थे।
बायोमेट्रिक और ई-गेट पास: अब 'कागजों' से नहीं, 'पहचान' से मिलेगी एंट्री
सरकार ने इस बार मंडियों के प्रवेश द्वार को हाई-टेक बना दिया है। नए नियमों के मुताबिक, मंडी में प्रवेश के समय किसान की बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य होगी। यानी जिस किसान के नाम पर 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर पंजीकरण है, उसकी उपस्थिति या प्रामाणिकता के बिना गेट पास जारी नहीं होगा। इसके अलावा, ई-गेट पास की सुविधा केवल सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक ही उपलब्ध रहेगी। रात के अंधेरे में होने वाली संदेहास्पद एंट्री को रोकने के लिए यह समय सीमा तय की गई है।
वाहन नियम: बिना नंबर प्लेट के नहीं खुलेगा मंडी का गेट
अक्सर मंडियों में देखा जाता है कि बिना नंबर वाली ट्रॉलियों के जरिए गेहूं की हेराफेरी की जाती है। इस बार प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिस ट्रैक्टर या ट्रॉली पर रजिस्टर्ड नंबर प्लेट नहीं होगी, उसे मंडी परिसर के अंदर कदम भी नहीं रखने दिया जाएगा। गेट पर तैनात कर्मचारी हर वाहन की फोटो खींचेंगे और उसे ऑनलाइन सिस्टम में अपलोड करेंगे। यह कदम न केवल सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि इससे मंडी में आने वाले अनाज की मात्रा का सटीक हिसाब भी रखा जा सकेगा।
भ्रष्टाचार पर वार: बोली से लेकर भुगतान तक सब ऑनलाइन
सरकार का दावा है कि इस डिजिटल खरीद प्रणाली से मंडियों में होने वाला भ्रष्टाचार खत्म होगा। फसल की एंट्री से लेकर, आढ़तियों द्वारा लगाई जाने वाली बोली और अंत में किसान के खाते में जाने वाला भुगतान—सब कुछ अब ऑनलाइन ट्रैक होगा। इससे कागजी कार्यवाही में होने वाली देरी कम होगी और किसानों को उनकी फसल का उचित दाम सीधे बैंक खाते में समय पर मिल सकेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मंडी आने से पहले अपना पोर्टल अपडेट कर लें और सुनिश्चित करें कि उनके पास वैध गेट पास हो। इसके साथ ही, गेहूं की नमी (Moisture) को सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार सुखाकर ही मंडी लाएं ताकि खरीद प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए। 1 अप्रैल से शुरू होने वाली इस महा-खरीद के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है।