LPG e-KYC की टेंशन खत्म: बिना केवाईसी भी मिलेगा गैस सिलेंडर, सरकार ने दी बड़ी राहत।
Mar 28, 2026 10:16 AM
हरियाणा। देशभर में गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों और उपभोक्ताओं के बीच फैले भ्रम पर अब पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विराम लगा दिया है। मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि जिन ग्राहकों की e-KYC पेंडिंग है, उन्हें भी गैस सिलेंडर की सप्लाई सुचारू रूप से मिलती रहेगी। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन न होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा या बुकिंग नहीं होगी। सरकार ने साफ किया है कि आधार आधारित e-KYC कोई नया फरमान नहीं है, बल्कि यह केवल सब्सिडी के सही हकदार की पहचान करने की एक पुरानी और अनिवार्य प्रक्रिया है।
सब्सिडी चाहिए तो करानी होगी KYC
सरकार का मुख्य जोर उन उपभोक्ताओं पर है जो एलपीजी सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं। अगर आपने अभी तक अपनी गैस एजेंसी में आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, तो आपके बैंक खाते में आने वाली सब्सिडी रोकी जा सकती है। यह कदम 'घोस्ट बेनेफिशियरी' (फर्जी लाभार्थियों) को सिस्टम से बाहर करने के लिए उठाया गया है। तेल कंपनियों ने साफ किया है कि सामान्य ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है, वे अपनी सुविधा अनुसार एजेंसी जाकर या ऑनलाइन माध्यम से इसे पूरा कर सकते हैं।
उज्ज्वला योजना: 7 सिलेंडर के बाद ही दोबारा वेरिफिकेशन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए नियम थोड़े अलग और लचीले रखे गए हैं। इन लाभार्थियों को साल में केवल एक बार अपनी मौजूदगी दर्ज करानी होती है। मंत्रालय के अनुसार, जब कोई लाभार्थी साल के 7 सिलेंडर रिफिल करवा लेता है, तब 8वें और 9वें सिलेंडर की सब्सिडी पाने के लिए उसे एक बार फिर से e-KYC की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक गरीब परिवारों तक ही पहुंच रहा है।
घर बैठे मिनटों में निपटाएं काम, कतारों से बचें
अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर काटने की मजबूरी नहीं है। इंडियन ऑयल, भारत गैस और एचपी के ग्राहक संबंधित कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड कर घर बैठे बायोमेट्रिक सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से ‘आधार फेस आरडी’ ऐप इंस्टॉल करना होगा। ऐप में लॉगिन करने के बाद 'आधार e-KYC' का विकल्प चुनकर अपना चेहरा स्कैन करना होता है। इसके 24 से 48 घंटों के भीतर वेरिफिकेशन की मंजूरी मिल जाती है। गैस कंपनियों ने अपील की है कि लोग अफवाहों के कारण पैनिक न हों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।