नूंह की मंडियों में सरसों का भाव MSP तक पहुंचा, सरकारी खरीद से पहले किसानों को मिल रहे अच्छे दाम
Mar 11, 2026 11:23 AM
हरियाणा। हरियाणा के नूंह जिले और पूरे मेवात क्षेत्र की अनाज मंडियों में रबी सीजन की प्रमुख फसल सरसों की आवक शुरू होते ही किसानों को राहत भरी खबर मिली है। सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही मंडियों में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। इस साल सरकार ने सरसों का एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है और सूखी सरसों इसी भाव पर बिक रही है।
मंडी में गीली सरसों का भाव भी मजबूत बना हुआ है। व्यापारियों के अनुसार गीली सरसों करीब 5800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। बेहतर भाव मिलने से किसानों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है।
मंडियों में 10 हजार क्विंटल तक पहुंची खरीद
नूंह जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में सरसों की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। मंडी व्यापारियों के अनुसार अभी तक करीब 10 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है।
फिलहाल यह शुरुआती दौर है, इसलिए आने वाले दिनों में आवक तेजी से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सुबह होते ही मंडियों में किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारें लग जाती हैं और किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिख रहा असर
व्यापारियों का मानना है कि इस बार सरसों के दाम मजबूत रहने के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी बड़ी वजह हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान, इजराइल व अमेरिका के बीच टकराव के कारण खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
इसके साथ ही पाम ऑयल के आयात में कमी आने से देश के भीतर सरसों तेल की मांग बढ़ गई है। इसी वजह से मंडियों में सरसों के दाम बेहतर बने हुए हैं और किसानों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है।
मंडी प्रशासन ने जताई संतुष्टि
अनाज मंडी पुनहाना के वाइस चेयरमैन संजीव ने बताया कि सरसों की आवक अभी शुरू हुई है और किसानों को एमएसपी के आसपास भाव मिलना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और मंडियों में कारोबार भी तेज होगा।
आढ़ती संजय कुमार ने कहा कि पाम ऑयल आयात में कमी और सरसों तेल की बढ़ती मांग के कारण बाजार में दाम मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि अभी आवक कम है लेकिन आने वाले दिनों में बढ़ेगी तो व्यापार भी बढ़ेगा।
किसानों को आगे और बेहतर भाव की उम्मीद
मंडी के पूर्व चेयरमैन उमेश आर्य का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और घरेलू मांग को देखते हुए सरसों के भाव मजबूत बने हुए हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में किसानों को और बेहतर कीमत मिल सकती है।
किसान हाकम ने कहा कि इस बार मौसम अनुकूल रहा और फसल भी अच्छी हुई है। मंडी में अच्छा भाव मिलने से किसानों को अपनी मेहनत का सही दाम मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।