हरियाणा की 2 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग होने का ऐलान, किरण चौधरी-रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 मार्च को होगा खत्म

Feb 18, 2026

चंडीगढ़: हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा और उम्मीदवार 5 मार्च तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की, जिसमें हरियाणा की दोनों सीटें शामिल हैं। भाजपा के राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है और फिलहाल दोनों सीटें भाजपा के पास हैं। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी शाम परिणाम घोषित किए जाएंगे।


निर्वाचन आयोग की अधिसूचना और कार्यक्रम

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 5 मार्च निर्धारित की गई है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के तहत पूरी की जाएगी। 16 मार्च को मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम जारी किए जाएंगे।

हरियाणा की दोनों सीटों पर चुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। आयोग ने देशभर की 37 सीटों के लिए एक साथ कार्यक्रम घोषित किया है, जिससे राजनीतिक दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।


जांगड़ा और चौधरी का कार्यकाल

रामचंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे। उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक निर्धारित है। किरण चौधरी 27 अगस्त 2024 को हुए उपचुनाव में निर्विरोध सांसद बनी थीं। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। दीपेंद्र हुड्डा रोहतक से लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। वर्तमान में दोनों सदस्य भाजपा से राज्यसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।


शेष वोट और क्रॉस वोटिंग की संभावना

पहले दौर के बाद भाजपा के पास 17 और कांग्रेस के पास 6 वोट बचेंगे। निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 वोट जोड़ने पर कुल 28 वोट होते हैं, जो 31 के कोटे से कम हैं। यदि भाजपा दूसरी सीट जीतना चाहती है तो उसे अतिरिक्त 9 क्रॉस वोट की आवश्यकता होगी।

यदि निर्दलीय और इनेलो के सभी विधायक भाजपा का समर्थन करें, तब भी आंकड़ा 22 तक ही पहुंचेगा। कांग्रेस के शेष 6 वोट भी जुड़ जाएं तो कुल 28 ही होंगे। ऐसे में दूसरी सीट के लिए क्रॉस वोटिंग निर्णायक भूमिका निभा सकती है।


निर्विरोध चुनाव की स्थिति

संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार यदि भाजपा और कांग्रेस एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारते हैं तो मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद दोनों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है। हालांकि यदि भाजपा अतिरिक्त उम्मीदवार उतारती है तो मतदान अनिवार्य होगा। ऐसी स्थिति में क्रॉस वोटिंग और सहयोगी दलों का समर्थन परिणाम तय करेगा।


कांग्रेस और भाजपा में नामों की चर्चा

कांग्रेस की ओर से बाहरी चेहरे पर दांव लगाने की चर्चा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार बेंगलुरु के बीके हरि प्रसाद, जयराम रमेश और पवन खेड़ा के नाम चर्चा में हैं। प्रदेश स्तर पर पूर्व अध्यक्ष उदयभान और पूर्व विधायक राव दान सिंह के नाम भी हाईकमान तक पहुंचने की बात कही जा रही है।

भाजपा में कुलदीप बिश्नोई, कैप्टन अभिमन्यु, सतीश पूनिया, कमल गुप्ता, सुनीता दुग्गल और सुदेश कटारिया सहित कई नामों पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की राय को भी अहम माना जा रहा है। किरण चौधरी भी पुनर्निर्वाचन के लिए प्रयासरत हैं।

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