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सत्ताधारी दल और विपक्षी दलों के सहयोग से लोकतंत्र मजबूत होता है: हरियाणा के राज्यपाल

Feb 21, 2026 4:17 AM

चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सत्ता पक्ष और विपक्षी दल संविधान का अक्षरशः पालन करते हैं और उसकी भावना के अनुरूप मिलकर काम करते हैं। राज्यपाल ने बजट सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए विचारों की विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। घोष ने कहा, “यह सदन जनता की आवाज है और सरकार का यह दायित्व है कि वह ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ उस आवाज को परिणामों में परिवर्तित करे।” उन्होंने कहा, “लोकतंत्र तभी सही मायने में मजबूत होता है जब सत्ता पक्ष और विपक्षी दल संविधान का अक्षरशः पालन करते हैं और उसकी भावना के अनुरूप मिलकर काम करते हैं।’’

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सत्र के दौरान होने वाली चर्चाएं रचनात्मक होंगी। उन्होंने कहा कि वह सदन द्वारा संवाद और आम सहमति के माध्यम से ऐतिहासिक निर्णय लिए जाने की आशा करते हैं। घोष ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार सत्ता को जनसेवा का एक साधन मानती है और "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के सिद्धांत से निर्देशित सुशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर राज्यपाल ने कहा कि सरकार राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून के शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर जांच और आधुनिक पुलिस व्यवस्था के कारण आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि दर में वृद्धि हुई है। एक जुलाई, 2024 से 31 दिसंबर, 2025 के बीच आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि दर 74.13 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि 2025 में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य पुलिस ने 426 आपराधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया और विदेश से 15 गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया, जिसके परिणामस्वरूप जबरन वसूली के मामलों में 40 प्रतिशत की कमी आई है। उद्योग और निवेश के मोर्चे पर, घोष ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए 'लालफीताशाही' की जगह 'लाल कालीन' बिछा दी है।

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