पंजाब विजिलेंस ने फायर विभाग के सब अफसर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Feb 21, 2026

डेराबस्सी: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की फ्लाइंग स्क्वॉड-1 टीम ने फायर विभाग के सब अफसर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो फेज-1 मोहाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसवंत सिंह के रूप में हुई है, जो फायर विभाग डेराबस्सी में सब अफसर तैनात है और अतिरिक्त प्रभार मोहाली का संभाल रहा था। विजिलेंस को यह शिकायत गगनदीप सिंह निवासी ऑर्बिट अपार्टमेंट, वीआईपी रोड जीरकपुर ने दी थी। शिकायतकर्ता फायर सेफ्टी उपकरण लगाने का काम करता है और उसकी फर्म जीएंडजी फायर टेक सर्विस के नाम से राजपुरा में संचालित है।

शिकायत में बताया गया कि उसकी फर्म ने मोहाली स्थित राज व्हीकल्स एजेंसी (महिंद्रा एजेंसी) में फायर सेफ्टी उपकरण लगाए थे और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) भी किया हुआ था। संबंधित एजेंसी की एनओसी फायर विभाग से जारी होनी थी। आरोप है कि जसवंत सिंह ने राज व्हीकल एजेंसी के कर्मचारी विशाल पाठक को फोन किया और कहा कि उनकी एनओसी उनके पास पेंडिंग पड़ी है। 

एनओसी जारी करने के एवज में आरोपी अफसर ने 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और कहा अगर रिश्वत ना दी तो वह इस पर एतराज लगा देगा। शिकायतकर्ता ने 50 हजार रुपये पहले दे दिए थे और शेष एक लाख रुपये बाद में देने की बात कही थी। रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की गई। बाद में मामला विजिलेंस के संज्ञान में लाया गया।


शिकायत के आधार पर

विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की ट्रैप मनी लेते हुए काबू कर लिया गया। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मामले की आगे जांच जारी है।


मामले का खुलासा

जसवंत सिंह फायर विभाग डेराबस्सी में सब अफसर के पद पर तैनात हैं और अतिरिक्त प्रभार मोहाली संभाल रहे थे। विजिलेंस को यह शिकायत गगनदीप सिंह, निवासी ऑर्बिट अपार्टमेंट, वीआईपी रोड जीरकपुर ने दी। गगनदीप की फर्म जीएंडजी फायर टेक सर्विस राजपुरा में संचालित है और फायर सेफ्टी उपकरण लगाने का काम करती है।


शिकायतकर्ता का बयान

"हमने 50 हजार रुपये पहले ही दे दिए थे। शेष एक लाख रुपये बाद में देने का वादा किया गया था। रिश्वत मांगने की पूरी बातचीत रिकॉर्ड भी की गई थी।"


विजिलेंस ने कैसे कार्रवाई की

शिकायत के आधार पर टीम ने जाल बिछाया। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को एक लाख रुपये की ट्रैप मनी लेते हुए काबू कर लिया गया। आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

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