Himachal Landsliding: मंडी में भूस्खलन से NH-154 बंद, चमड़ा मोड़ में सड़क धंसी, भारी वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक बंद

मंडी में भूस्खलन से NH-154 बंद
Himachal Landsliding: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर उरला के पास चमड़ा मोड़ में भारी भूस्खलन से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। 22 अगस्त की रात हुए भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा नीचे खाई में समा गया, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जान-माल की सुरक्षा के लिए भारी और हल्के मालवाहक यानी कमर्शियल वाहनों की आवाजाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। प्रशासन का मानना है कि बचे हुए सड़क हिस्से पर बड़े वाहनों का भार डालना सुरक्षित नहीं है।
NHAI की तकनीकी टीम ने किया निरीक्षण
भूस्खलन के अगले दिन 23 अगस्त को पधर के एसडीएम सुरजीत सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साइट इंजीनियरों और तकनीकी टीम के साथ चमड़ा मोड़ का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि सड़क का जो हिस्सा बचा है, वह भारी या हल्के मालवाहक वाहनों का भार उठाने की स्थिति में नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, बड़े वाहनों को यहां से गुजरने की अनुमति देने पर हादसे की आशंका बनी रह सकती है।
बहाली का काम जल्द शुरू करने की तैयारी
SDM सुरजीत सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क को दोबारा सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए बहाली का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया जाना है। मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही रोकना जरूरी है, ताकि काम सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सड़क की स्थिति पर नजर रखने और बहाली कार्य से जुड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जब तक मार्ग सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक मालवाहक वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक रास्ते से भेजा जाएगा।
मालवाहक वाहनों के लिए यह रहेगा वैकल्पिक मार्ग
प्रशासन ने प्रतिबंधित भारी और हल्के मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय किया है। अब इन वाहनों को घटासनी–झटिंगरी–डायनापार्क–पधर मार्ग से होकर गुजरना होगा। प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित टीमों को वैकल्पिक मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं। इससे क्षतिग्रस्त NH-154 पर मालवाहक वाहनों का दबाव कम रहेगा और यात्रियों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।
आदेश तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
SDM पधर ने वाहन चालकों, ट्रांसपोर्टरों और आम लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से क्षतिग्रस्त सड़क की ओर जाने से बचने को कहा है, क्योंकि सड़क का बचा हुआ हिस्सा भी जोखिम भरा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति या वाहन चालक क्षतिग्रस्त मार्ग पर आवाजाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आपदा प्रबंधन अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
