Himachal Pradesh News: खालसा टैक्स मामले पर हिमाचल CM ने भगवंत मान से की बात, उचित कार्रवाई की मांग की
Jun 04, 2026 4:16 PM
शिमला: पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच ‘खालसा टैक्स’ को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हिमाचल प्रदेश की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में हिमाचल नंबर की गाड़ियों से कथित रूप से टैक्स वसूले जाने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बातचीत कर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। हिमाचल सरकार का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत वसूली स्वीकार्य नहीं है और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
जानकारी के अनुसार बुधवार को पंजाब के कीरतपुर क्षेत्र में कुछ निहंग समूहों ने हिमाचल प्रदेश नंबर की गाड़ियों को रोककर कथित तौर पर ‘खालसा टैक्स’ वसूला। यह कदम हिमाचल प्रदेश में लागू एंट्री टैक्स के विरोध के रूप में उठाया गया बताया गया। निहंगों का तर्क था कि हिमाचल सरकार द्वारा बाहरी वाहनों पर लगाया गया एंट्री टैक्स अनुचित है और इसी के विरोध में यह प्रतीकात्मक कार्रवाई की गई। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इस वसूली को अधिकृत नहीं माना गया है।
हिमाचल सरकार ने मांगी सख्त कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और पंजाब सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमा पर हुई वसूली कानून के दायरे में नहीं आती और इससे दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कीरतपुर क्षेत्र में सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक हिमाचल नंबर की गाड़ियों को रोककर कथित टैक्स लिया गया। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाइश के बाद यह गतिविधि बंद कर दी गई। घटना के दौरान कई वाहन चालकों को रुकना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद यातायात सामान्य कराया।
मंत्री ने भाजपा और अकाली दल पर साधा निशाना
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताते हुए भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन सीजन शुरू होते ही इस तरह के विवाद पैदा किए जाते हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित दलों की ओर से तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस विधायक नीरज भारती ने सोशल मीडिया पर निहंगों के पक्ष में टिप्पणी की। उन्होंने हिमाचल सरकार की एंट्री टैक्स नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाहरी लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर नई बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने इसका विरोध भी किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे पर समन्वय नहीं बना तो यह मामला और राजनीतिक रूप ले सकता है। हिमाचल सरकार जहां एंट्री टैक्स को अपनी नीति का हिस्सा बता रही है, वहीं विरोध करने वाले इसे पर्यटन और व्यापार के लिए बाधक मान रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर पंजाब और हिमाचल सरकार के अगले कदम पर है। दोनों राज्यों के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।