September 4, 2026

Jalandhar Mattress Factory Fire Update : गद्दा फैक्टरी में आग से झुलसे मजदूर की हुई मौत

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Jalandhar Mattress Factory Fire Update : गद्दा फैक्टरी में आग से झुलसे मजदूर की हुई मौत

गद्दा फैक्टरी में आग से झुलसे मजदूर की हुई मौत

Jalandhar Mattress Factory Fire Update :  जालंधर के थाना बस्ती बावा खेल के अधीन आते बस्ती पीरदाद रोड इलाके में गुरुवार सुबह उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक रिहायशी इलाके के बीचों-बीच चल रही ‘मोदी मैट्रेस’ फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई।

हादसे के वक्त फैक्ट्री के भीतर से सामान बाहर निकालने की कोशिश कर रहा मजदूर विशाल (30) पैर फिसलने के कारण सीधे आग के शोलों में जा गिरा। सिर पर लोहे का भारी एंगल गिरने और शरीर का 70 फीसदी हिस्सा झुलस जाने के कारण उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसने दम तोड़ दिया।

धुएं के गुबार से सहमा इलाका, 2 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे गद्दा फैक्ट्री की उपरी मंजिल से अचानक काला धुआं और ऊंची लपटें उठने लगीं। फैक्ट्री के अंदर ज्वलनशील केमिकल और फॉर्म होने की वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।

अंदर मौजूद कर्मचारियों ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई। दमकल विभाग की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में 2 घंटे से अधिक का समय लगा। शुरुआती जांच में आग की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि फैक्ट्री के अंदर मौजूद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों ने खतरे को कई गुना बढ़ा दिया था।

‘सुबह ही बहन के साथ काम पर गए थे…’— बिलख पड़ी पत्नी

मृतक विशाल की पत्नी शांति ने रोते हुए बताया कि वीरवार सुबह उसके पति रोज की तरह अपनी बहन के साथ ही ड्यूटी पर निकले थे। कुछ ही देर बाद खबर आई कि फैक्ट्री में आग लग गई है। विशाल फैक्ट्री का सामान बचाने के चक्कर में अंदर दाखिल हुआ, लेकिन बदकिस्मती से उसका पैर फिसल गया और वह आग की चपेट में आ गया। विशाल अपने पीछे दो छोटी-छोटी बेटियों को छोड़ गया है, जिसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

अवैध फैक्ट्री पर उठे सवाल, 10 साल पुराना वादा निकला झूठा

घटना के बाद स्थानीय निवासियों का गुस्सा भड़क उठा। स्थानीय निवासी केशव ने बताया कि करीब 10 साल पहले भी इसी यूनिट में भीषण आग लगी थी। उस समय फैक्ट्री मालिक ने मोहल्ला निवासियों से वादा किया था कि रिहायशी इलाके से इस यूनिट को हटाकर कहीं और ले जाया जाएगा और यहां सिर्फ गोदाम रहेगा। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहां गद्दे बनाने का काम बदस्तूर जारी रहा।

आग के भीषण ताप और धमाकों के कारण आसपास बनी करीब 25 कोठियों की दीवारों और छतों में दरारें आ गई हैं। पुलिस प्रशासन के देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। फिलहाल प्रशासनिक टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी है, वहीं पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Jalandhar Mattress Factory Fire : जालंधर की गद्दा फैक्टरी में लगी आग, 1 कर्मी झुलसा ; 30 ने भागकर बचाई जान

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