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Jalandhar News: जालंधर में जबरन वसूली गैंग का भंडाफोड़, 3 आधुनिक पिस्तौल और कारतूस समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

Jun 20, 2026 10:11 AM

जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले में कमिश्नरेट पुलिस ने जबरन वसूली और फायरिंग की घटनाओं से जुड़े एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे आपराधिक हैंडलर्स के संपर्क में थे और उनके निर्देश पर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन आधुनिक पिस्तौल और बड़ी मात्रा में कारतूस बरामद किए। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित बड़ी वारदात को टाल दिया गया।

गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने बिछाया जाल

जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अपराधी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत विशेष टीमों का गठन कर निगरानी शुरू कर दी। पुलिस ने रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर चारों आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद उनसे गहन पूछताछ शुरू की गई।

पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी विदेश में बैठे अपने आपराधिक हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार ये हैंडलर्स इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों को निर्देश देते थे। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों को टारगेट चुनने, धमकी देने और वारदातों को अंजाम देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश ऑनलाइन माध्यमों से दिए जाते थे। फंडिंग और अन्य सहायता भी इन्हीं नेटवर्क के जरिए उपलब्ध कराई जाती थी।

जालंधर और SBS नगर में फायरिंग की थी योजना

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर में फायरिंग की घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने की तैयारी में शामिल थे। उनका मुख्य मकसद व्यापारियों और प्रभावशाली लोगों में डर का माहौल पैदा करना था जांच में सामने आया है कि गैंग फिरौती वसूलने के लिए संभावित टारगेट की पहचान कर रहा था। इसके लिए कई स्थानों की रेकी भी की गई थी। पुलिस का मानना है कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो क्षेत्र में गंभीर आपराधिक घटना हो सकती थी।

गिरफ्तार आरोपियों से बरामद तीनों पिस्तौल आधुनिक श्रेणी की बताई जा रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच अधिकारी हथियारों की सप्लाई चेन और उनके स्रोत की जानकारी जुटा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी अन्य आपराधिक घटना में किया गया था।

भार्गो कैंप थाने में एफआईआर दर्ज

मामले में जालंधर कमिश्नरेट के थाना भार्गो कैंप में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि स्थानीय स्तर पर आरोपियों को किस तरह का सहयोग मिल रहा था।

पुलिस की तकनीकी और साइबर टीम भी मामले की जांच में जुट गई है। मोबाइल डेटा, इंटरनेट कॉलिंग रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की मदद से नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच एजेंसियों का फोकस अब उन विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचने पर है, जो कथित रूप से इस गैंग को संचालित कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले हर लिंक की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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