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कैथल में CM फ्लाइंग की बड़ी रेड: नवीन बुक डिपो पर छापा, NCERT की संदिग्ध किताबें सील

May 22, 2026 10:25 AM

कैथल। हरियाणा में शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही किताबों के काले कारोबार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (CM Flying Squad) ने अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। कैथल के व्यस्त पिहोवा चौक पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सीएम फ्लाइंग और एनसीईआरटी की संयुक्त टीम ने 'नवीन बुक डिपो' पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से बाजार के अन्य पुस्तक विक्रेताओं में भी खलबली मच गई। टीम में कुरुक्षेत्र से पहुंचे सीएम फ्लाइंग के सब-इंस्पेक्टर राजबीर, एएसआई विक्रम के साथ शिक्षा विभाग की ओर से डीएमएस छत्रपाल सिंह और डीईओ कार्यालय के अधीक्षक प्रवीन थरेजा मुख्य रूप से शामिल रहे।

दिल्ली से पहुंची टीम ने खंगाला रिकॉर्ड, ढाई घंटे तक रुकी रहीं सांसें

दुकान के भीतर शुरू हुई यह प्रशासनिक कार्रवाई करीब ढाई घंटे तक लगातार चलती रही। इस दौरान टीम के सदस्यों ने दुकान के चप्पे-चप्पे को खंगाला और वहां रखी किताबों के स्टॉक का मिलान किया। अधिकारियों ने न केवल अलमारियों में सजी किताबों को देखा, बल्कि उनके गोदाम, खरीद बिल और अन्य टैक्स दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की। जांच के दौरान कुछ ऐसी किताबें सामने आईं, जिनकी छपाई और पन्नों की गुणवत्ता पर टीम को गहरा संदेह हुआ।

खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई, बच्चों के भविष्य और जेब से खिलवाड़ का शक

सीएम फ्लाइंग के एसआई राजबीर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें एक पुख्ता गुप्त शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इस बुक डिपो पर एनसीईआरटी (NCERT) के नाम पर नकली और कम गुणवत्ता वाली पायरेटेड किताबें धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। अमूमन ऐसी किताबें असली की कीमत पर बेची जाती हैं, जिससे सीधे तौर पर आम जनता और अभिभावकों की जेब पर डाका डाला जाता है। इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए दिल्ली से विशेष तौर पर एनसीईआरटी की एक्सपर्ट टीम को भी इस रेड का हिस्सा बनाया गया था।

सैंपल सील कर जांच के लिए भेजे, दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

घंटों चली इस माथापच्ची के बाद संयुक्त टीम ने संदिग्ध पाई गईं सभी किताबों को मौके पर ही सील कर दिया और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सील की गई किताबों के पन्नों, छपाई के फॉन्ट और होलोग्राम की जांच दिल्ली स्थित लैब में की जाएगी ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जांच में किताबें नकली पाई जाती हैं, तो बुक डिपो संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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