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ठगी या जासूसी? हरियाणा में सेना की वर्दी पहने फर्जी अधिकारी काबू, पाकिस्तानी कनेक्शन की आशंका

Apr 06, 2026 11:05 AM

कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में सुरक्षा घेरे को धता बताने की कोशिश कर रहे एक फर्जी सैन्य अधिकारी को पुलिस ने दबोचने में सफलता हासिल की है। जिले के तितरम मोड़ पर जारी सघन नाकेबंदी के दौरान पुलिस ने एक ओला कैब को जांच के लिए रोका, जिसमें सवार युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब बैग की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। बैग के भीतर से भारतीय सेना की वर्दी और मेजर रैंक के बैज बरामद हुए। कड़ाई से हुई पूछताछ में सामने आया कि जो शख्स खुद को 'मेजर निशांत सहारण' बता रहा था, वह असल में श्रीनगर का रहने वाला मेहराजुद्दीन हाजम है।

शादी का झांसा और सोशल मीडिया का मायाजाल

इस शातिर ठग ने खुद को सेना का रसूखदार अधिकारी दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर बाकायदा आर्मी यूनिफॉर्म में अपनी प्रोफाइल बना रखी थी। इसी फर्जी पहचान के जरिए उसने हिसार की एक युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का वादा कर उससे मोटी रकम ऐंठ ली। आरोपी अक्सर ओला कैब में सफर करता था ताकि वह सेना के अधिकारी जैसा रौब झाड़ सके और लोगों का विश्वास जीत सके। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह लंबे समय से अलग-अलग इलाकों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

ठगी या देश के खिलाफ साजिश? जासूसी एंगल पर टिकी नजर

मामला केवल ठगी तक सीमित नहीं दिख रहा है। जिस तरह से आरोपी ने पहचान बदली और सेना के संवेदनशील प्रतीकों का इस्तेमाल किया, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो जांच अधिकारी अब इसके संभावित पाकिस्तानी लिंक और जासूसी के कोण को खंगाल रहे हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए खुफिया विभाग (IB) और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

रिमांड पर आरोपी, पुलिस ने दी चेतावनी

कैथल एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के दिशा-निर्देशों पर जिले में 24 घंटे की चौकसी बरती जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को हिसार पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां रिमांड के दौरान उससे यह उगलवाने की कोशिश की जाएगी कि वह किसी बड़े देशविरोधी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर सेना या पुलिस की वर्दी देखकर किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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