तिरुवनंतपुरम: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शबरिमला मंदिर में कथित अनियमितताओं को बेअदबी का गंभीर कृत्य करार देते हुए मंगलवार को कहा कि यह केवल सोने की चोरी का मामला नहीं है। चंद्रशेखर ने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की भी मांग की। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अयप्पा के श्रद्धालु के रूप में इस घटनाक्रम से उन्हें गहरी पीड़ा हुई है। उन्होंने दावा किया कि नए निष्कर्षों से पता चलता है कि भगवान अयप्पा मंदिर में लूट बताए गए 4.5 किलोग्राम सोने तक सीमित नहीं है। 


उन्होंने कहा, जांच से अब पता चला है कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) द्वारा नियुक्त देवस्वओम बोर्ड के तहत शबरिमला से पंचलोहे की चार मूर्तियां बाहर ले जाई गईं और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को बेच दी गईं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि 2015 में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) शासन के दौरान बदली गईं पवित्र पठिनेट्टम पदी (18 सीढ़ियां) के कुछ हिस्सों के साथ बाद में छेड़छाड़ की गई और इस मामले में भी चोरी हुई।  चंद्रशेखर ने इन खुलासों को बेहद विचलित करने वाला बताया और इसके पीछे कांग्रेस नीत यूडीएफ एवं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी -नीत एलडीएफ की संलिप्तता वाली एक बड़ी राजनीतिक साजिश होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने पहले कहा था, कुछ लोगों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। 


यह एक बड़ी राजनीतिक साजिश है-जो कांग्रेस-यूडीएफ के शासनकाल में शुरू हुई और माकपा-एलडीएफ के शासन में आगे बढ़ी। चंद्रशेखर ने इन कथित कृत्यों को बेअदबी करार देते हुए कहा कि ये भगवान अयप्पा और दुनिया भर के लाखों भक्तों के साथ विश्वासघात हैं। नेता ने कहा कि सच सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) पर्याप्त नहीं होगा और उन्होंने सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर भी इस मुद्दे को चूक कहकर कमतर करके दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा अयप्पा भक्तों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की लड़ाई जारी रखेगी। शबरिमला से सोना गायब होने और उससे संबंधित मामलों की जांच एसआईटी कर रही है और इस संबंध में त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) के दो अध्यक्षों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!