कुरुक्षेत्र में बवाल: रेलवे रोड पर 'पंजाबी ढाबे' में तोड़फोड़, बजरंग दल ने लगाया पहचान छिपाने का आरोप
Mar 25, 2026 1:40 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र की शांत फिजाओं में आज अचानक उस वक्त तल्खी घुल गई, जब रेलवे रोड स्थित एक ढाबे को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के मुताबिक, 'पंजाबी ढाबे' के नाम से चल रहे एक भोजनालय में आज दोपहर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और देखते ही देखते वहां तोड़फोड़ शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढाबे के भीतर रखी कुर्सियां सड़क पर फेंक दी गईं और बर्तनों को तहस-नहस कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा, लेकिन तब तक स्थिति काफी तनावपूर्ण हो चुकी थी।
"पहचान छिपाकर व्यापार बर्दाश्त नहीं": बजरंग दल की चेतावनी
मौके पर मौजूद विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांत अधिकारी राकेश कुमार और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस पूरी कार्रवाई को एक 'चेतावनी' के रूप में पेश किया। राकेश कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि कुरुक्षेत्र एक पवित्र धर्मनगरी है और यहाँ मर्यादाओं का पालन अनिवार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष समुदाय के कुछ लोग अपनी असली पहचान और नाम छिपाकर दूसरे नामों से ढाबे चला रहे हैं, जो सीधे तौर पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ धोखा है। बजरंग दल का दावा है कि इस ढाबा संचालक को पहले भी नाम बदलने की हिदायत दी गई थी, लेकिन बात न मानने पर कार्यकर्ताओं ने वहां पहुँचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और विरोध जताया।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस? जांच के नाम पर टालमटोल
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से कतराते नजर आए। जब मीडिया ने उनसे तोड़फोड़ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल किए, तो अधिकारियों ने 'अभी जांच चल रही है' कहकर पल्ला झाड़ लिया। हालांकि, रेलवे रोड पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान की जा सके और मामले को शांत कराया जा सके।
शांति भंग होने का खतरा, प्रशासन के लिए चुनौती
स्थानीय व्यापारियों में इस घटना के बाद से ही डर और असमंजस का माहौल है। कुरुक्षेत्र जैसे पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले शहर में इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है—क्या ढाबा संचालकों के लिए कोई नई गाइडलाइन जारी की जाएगी या फिर कानून हाथ में लेने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा? फिलहाल, रेलवे रोड पर स्थिति नियंत्रण में है लेकिन अंदरूनी सुलगती चिंगारी अभी शांत नहीं हुई है।