Mahendragarh Breaking News: सीजेआई सूर्यकांत से आश्वासन मिलने के बाद वकीलों का वर्क सस्पेंड खत्म, काम पर लौटे वकील
वकीलों की हड़ताल खत्म होने से फरियादियों को बड़ी राहत, जानिए क्या था लीगल डिफेंस काउंसिल विवाद
Mahendragarh Breaking News: लीगल डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) की नियुक्ति के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधीन आने वाली तमाम अदालतों में पिछले कई दिनों से जारी वकीलों का कार्य बहिष्कार आखिरकार खत्म हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के ठोस आश्वासन के बाद महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन सहित पूरे प्रदेश के वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। सोमवार को हुई वार्ता के बाद अब मंगलवार से सभी न्यायालयों में सुचारू रूप से न्यायिक कामकाज शुरू हो गया है, जिससे राहत की सांस उन फरियादियों ने भी ली है जिनके मामले लंबे समय से अटके हुए थे।
मामले की जानकारी देते हुए महेंद्रगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप यादव ने बताया कि लीगल डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति को लेकर प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में गहरा असंतोष था। (Mahendragarh Breaking News) इसी कड़ी में सोमवार को हरियाणा और पंजाब की विभिन्न बार एसोसिएशनों के प्रधानों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के एक संयुक्त मंडल ने नई दिल्ली में चीफ जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात की।
30 सितंबर के बाद आगे नहीं बढ़ेगी नीति, मिला ठोस भरोसा – Mahendragarh Breaking News
प्रतिनिधिमंडल ने सीजेआई के सामने वकीलों की आपत्तियों को पुरजोर तरीके से रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लागू की जा रही यह नीति स्वतंत्र वकीलों के वजूद और उनकी आजीविका के लिए घातक सिद्ध हो रही है। इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने वकीलों की बात को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि 30 सितंबर के बाद सरकार की इस नीति को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।(Mahendragarh Breaking News) साथ ही, भविष्य में इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।बार प्रधान संदीप यादव ने बताया कि सीजेआई से मिले सकारात्मक और ठोस आश्वासन के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और जिला बार एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से वर्क सस्पेंड वापस लेने का फैसला किया।
Mahendragarh Breaking News: सीजेआई सूर्यकांत के इस आश्वासन के बाद वकीलों में संतोष का माहौल देखने को मिला। बार प्रधान संदीप यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट से मिले सकारात्मक और ठोस आश्वासन के मद्देनज़र पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन तथा सभी जिला बार एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से वर्क सस्पेंड समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद मंगलवार से महेंद्रगढ़ सहित सभी अदालतों में न्यायिक कामकाज दोबारा शुरू हो गया, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों की सुनवाई भी फिर से शुरू हो गई।
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क्या था वकीलों के विरोध का पूरा माजरा? – Mahendragarh Breaking News
दरअसल, केंद्र और राज्य सरकार की योजना के तहत लीगल डिफेंस काउंसिल (LADCS) की नियुक्ति की जा रही थी। इसमें सरकारी खर्च पर अधिवक्ताओं की तैनाती होती है, जो आपराधिक मामलों में अभियुक्त (आरोपी) पक्ष की ओर से पैरवी करते हैं। वकीलों का आरोप था कि इस व्यवस्था से स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं के कार्य और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसी मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधीन आने वाली विभिन्न बार एसोसिएशनों ने कार्य बहिष्कार शुरू किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के आश्वासन के बाद वकीलों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और अदालतों में न्यायिक कार्य फिर से शुरू हो गया।
वकील समुदाय का मुख्य तर्क यह था कि जब सरकार ही बचाव पक्ष का वकील तय करेगी और उसका खर्च उठाएगी, तो इससे स्वतंत्र रूप से वकालत कर रहे नए और अनुभवी अधिवक्ताओं के काम पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ेगा। (Mahendragarh Breaking News) इसी नीति के विरोध में प्रदेश भर की बार एसोसिएशनों ने एक सुर में मोर्चा खोलते हुए अदालती कामकाज का बहिष्कार (वर्क सस्पेंड) कर रखा था। अब काम पर वकीलों की वापसी के बाद अदालतों में फिर से रोनक लौट आई है।
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