Mahendragarh : महेंद्रगढ़ पुलिस ने कनीना क्षेत्र से लापता दो छात्राओं को सकुशल किया बरामद

पुलिस स्टेशन कनीना
Mahendragarh : हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की कनीना शहर थाना पुलिस ने गुमशुदगी के एक मामले में शानदार और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है।
पुलिस ने सिहोर गांव की रहने वाली दो लापता छात्राओं को बिहार की राजधानी पटना के पाटलिपुत्र क्षेत्र से सुरक्षित ढूंढ निकाला और सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस तत्परता से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
डीएसपी डॉ. कविता ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों छात्राएं गत 9 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे घर से कॉलेज के लिए कहकर निकली थीं। लेकिन वे कॉलेज पहुंचने के बजाय बिना अपने परिजनों को बताए सीधे पटना, बिहार चली गईं, जहां उनकी बड़ी बहन रहती हैं।
दोपहर करीब 3 बजे तक जब दोनों छात्राएं वापस घर नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। किसी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे परिजनों ने तुरंत कनीना शहर थाने पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों से की गई गहरी जांच
मामले की गंभीरता को भांपते हुए कनीना थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जांच का जिम्मा संभाला। पुलिस टीम ने मानवीय सूचनाओं और अत्याधुनिक तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर गहनता से छानबीन शुरू की।
तकनीकी सर्विलांस और सर्विलांस इनपुट के आधार पर पुलिस को सुराग मिला कि दोनों छात्राएं बिहार के पटना में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 11 सितंबर को सुबह करीब 7 बजे पाटलिपुत्र, पटना से दोनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया।
बड़ी बहन से मिलने पहुंची थीं छात्राएं
पुलिस पूछताछ के दौरान छात्राओं ने खुलासा किया कि वे बिना बताए अपनी बड़ी बहन से मिलने पटना चली गई थीं, जिनका विवाह वहीं हुआ है। आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने दोनों छात्राओं को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। अपनी बेटियों के सुरक्षित घर लौटने पर परिजनों ने महेंद्रगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, उनकी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की खुलकर सराहना की।
इस सफल ऑपरेशन के बाद महेंद्रगढ़ पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि परिवार का कोई भी सदस्य लापता हो जाए, तो घबराने के बजाय बिना किसी देरी के तुरंत पुलिस को सूचना दें। समय रहते पुलिस को सूचना मिलने से तकनीकी मदद से मामलों का त्वरित खुलासा करने और सुरक्षित तलाशने में आसानी होती है।
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