मथुरा नौका दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हुई: नाविक गिरफ्तार, रेस्क्यू जारी, लापता की तलाश तेज
Apr 11, 2026 2:31 PM
मथुरा: मथुरा जिले में यमुना नदी में नौका पलटने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। साथ ही, नाविक को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग के त्वरित प्रतिक्रिया दल के प्रभारी भूदेव प्रसाद ने बताया कि एक शव दुर्घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर देवराहा बाबा घाट के पास से बरामद किया गया और मृतक की पहचान लुधियाना निवासी माणिक टंडन (42) के रूप में की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि नाविक पप्पू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने भी एक और शव बरामद किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि चार लोग अब भी लापता हैं।
उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश फिलहाल यमुना नदी के 14 किलोमीटर के दायरे में केंद्रित है। नदी की धारा को देखते हुए ऐसा अंदेशा है कि लापता लोग काफी नीचे की ओर बह गए होंगे। सेना की ‘स्ट्राइक वन कोर’ और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय से लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। वर्मा ने बताया कि यह निर्धारित करने के लिए एक व्यापक जांच की जाएगी कि इतनी बड़ी त्रासदी के पीछे किसकी चूक थी और जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि किस स्तर पर व किस तरह से लापरवाही बरती गई, जिससे इतनी बड़ी दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि बचाव एवं राहत अभियान समाप्त हो जाने के बाद जिलाधिकारी एक जांच समिति का गठन करेंगे और मामले की औपचारिक जांच के आदेश जारी करेंगे।
वृन्दावन थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया कि नाविक पप्पू को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है जिस पर किसी भी यात्री को ‘लाइफ जैकेट’ प्रदान करने में विफल रहने व यात्रियों की आपत्तियों के बावजूद तेज गति बनाए रखने का आरोप है। इससे पहले पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय ने कहा, ‘‘नौका को बरामद कर लिया गया है। यह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। पिछले चार घंटे से हम नौका को निकालने की कोशिश कर रहे थे, जो पलटने के बाद गहरे दलदली इलाके में फंस गई थी।’’ उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने नौका को निकालने के लिए पेशेवर तरीके से काम किया। डीआईजी ने बताया, ‘‘दुर्घटना में घायल लोगों की हालत स्थिर है। शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘घटना का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। कमियों को दूर कर बेहतर सुरक्षा मानदंड सुनिश्चित किए जाएंगे। दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने इस घटना में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे जान-माल के नुकसान के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं भगवान कृष्ण से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और मृतकों के परिजनों को शक्ति देने की प्रार्थना करती हूं।’’ पुलिस के अनुसार, पंजाब के पर्यटकों को ले जा रही एक नौका शुक्रवार दोपहर वृंदावन में यमुना नदी में पलट गई, जिससे कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, 22 घायल हो गए और चार लोग लापता हैं।
उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना केसी घाट के पास उस समय हुई, जब नौका गहरे पानी में जाने के बाद एक तैरते हुए पोंटून (पीपा पुल का हिस्सा) से टकरा गई। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में जल स्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हाल में हटा दिया गया था, जिससे नदी में कुछ पोंटून खुले रह गए थे। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने पहले छह मौतों की पुष्टि की थी, बाद में बचावकर्मियों ने चार और शव बरामद किए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई। आज शनिवार को एक और शव बरामद हुआ जिससे संख्या 11 हो गयी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मृतकों की पहचान कविता रानी, चरनजीत, सपना हंस, रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल, अंजू गुलाटी, इशान कटारिया, माणिक टंडन और मीनू बंसल के रूप में हुई है। लापता लोगों में पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका शामिल हैं। ये सभी पर्यटक पंजाब के लुधियाना और मुक्तसर से वृंदावन आए लगभग 150 तीर्थयात्रियों के एक बड़े समूह का हिस्सा थे।