Vrindavan Boat Accident: नौका हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं।
Apr 12, 2026 1:47 PM
मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी में हुए नौका हादसे के दो दिन बाद रविवार सुबह तीन और शव बरामद किए गए, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह हादसा वृंदावन क्षेत्र में शुक्रवार को हुआ था, जब नौकाविहार के दौरान एक नाव पलट गई थी। पुलिस के अनुसार, अभी भी तीन लोग लापता हैं और उनकी तलाश लगातार जारी है। इस घटना में पहले ही 10 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 22 लोगों को समय रहते बचा लिया गया था।
हादसे के बाद बढ़ा मृतकों का आंकड़ा
रविवार सुबह बचाव दल को घटनास्थल से अलग-अलग स्थानों पर शव मिले। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अक्रूर घाट के पास एक शव और देवराहा बाबा घाट के पास दो शव बरामद किए गए। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 13 हो गई है। शनिवार को भी एक शव देवराहा बाबा घाट के पास मिला था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि तेज बहाव के कारण शव दूर तक बह गए।
लापता श्रद्धालुओं की तलाश जारी
प्रशासन के अनुसार, अभी भी पंकज मल्होत्रा, यश भल्ला और मोनिका लापता हैं। इनकी तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पंजाब के जगराओं से आए श्रद्धालु इस हादसे का शिकार हुए थे, जो दो बसों में वृंदावन पहुंचे थे। वे यमुना नदी में नौकाविहार करते हुए मांट क्षेत्र में स्थित देवराहा बाबा की समाधि के दर्शन के लिए जा रहे थे।
कैसे हुआ हादसा
सूत्रों के मुताबिक, नाविक पप्पू उर्फ दाऊजी नाव को तेज गति से चला रहा था। श्रद्धालुओं ने कई बार उससे गति कम करने को कहा, लेकिन उसने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसी दौरान नाव पीपा पुल के ढांचों से टकरा गई और पलट गई। अचानक हुए इस हादसे में कई लोग नदी में गिर गए और डूबने लगे, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग, नाविक और गोताखोर मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। शुरुआती चरण में 10 शव निकाले गए और 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में पुलिस और प्रशासन की टीमों ने सर्च ऑपरेशन को तेज किया, जिसमें कई एजेंसियों को शामिल किया गया।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती
अपर पुलिस अधीक्षक रावत ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी मौके पर तैनात हैं। यमुना नदी के तेज बहाव और गहराई के कारण सर्च ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं, लेकिन टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
सात सेक्टर में चल रहा सर्च ऑपरेशन
पुलिस उपाधीक्षक संदीप सिंह के अनुसार, केशी घाट से गोकुल बैराज तक यमुना नदी को सात हिस्सों में बांटा गया है। करीब 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय के निर्देश पर हर सेक्टर की जिम्मेदारी एक-एक थाना प्रभारी को सौंपी गई है, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।