September 5, 2026

Moga Farmers Protest : मोगा में बिजली कटौती पर भड़के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे 4 घंटे रहा पूरी तरह जाम

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Moga Farmers Protest : मोगा में बिजली कटौती पर भड़के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे 4 घंटे रहा पूरी तरह जाम

मोगा में बिजली कटौती पर भड़के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे 4 घंटे रहा पूरी तरह जाम

Moga Farmers Protest :  धान की रोपाई के चरम सीजन में बिजली की आंख-मिचौली से तंग आ चुके मोगा के किसानों के सब्र का बांध आखिरकार शनिवार को टूट गया। जिले के करीब 10 गांवों के सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना दे दिया। चिलचिलाती धूप में चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

आठ घंटे का सरकारी दावा बनाम चार घंटे की जमीनी हकीकत

प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने राज्य सरकार की बिजली नीति पर तीखे सवाल उठाए। किसान नेताओं का कहना था कि सरकार भले ही कृषि क्षेत्र को लगातार आठ घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। पिछले बीस दिनों से ग्रामीण इलाकों में चार घंटे भी सही से बिजली नहीं मिल पा रही है। बार-बार लग रहे कटों की वजह से खेतों तक पानी पहुंचाना नामुमकिन साबित हो रहा है।

नहरी पानी का अभाव और कम बारिश ने बढ़ाई चिंता

इस बार मानसूनी बारिश बेहद सुस्त रही है और क्षेत्र में नहरी पानी के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में किसान पूरी तरह से ट्यूबवेल और बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर हैं। धान के पौधों को इस समय सबसे ज्यादा पानी की दरकार होती है, लेकिन लगातार बिजली कट से फसलें पीली पड़ने लगी हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार की अनदेखी के चलते उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।

अफसरों की मिन्नत और आश्वासन के बाद खुला रास्ता

हाईवे जाम की खबर मिलते ही पुलिस और बिजली बोर्ड के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों के कड़े रुख को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत वार्ता शुरू की। बिजली विभाग के प्रतिनिधियों ने स्वीकार किया कि तकनीकी खामियों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई थी। उन्होंने एक-दो दिनों के भीतर स्थिति में पूरी तरह सुधार करने और रोजाना निर्बाध आठ घंटे बिजली देने का भरोसा दिलाया।

अधिकारियों के इस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि, किसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि विभाग अपने वादे से पलटा या बिजली की समस्या दूर न हुई, तो आने वाले दिनों में जिले भर में और भी बड़ा उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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