MTV Hustle TV: पानीपत के केशव भुगरा का ‘MTV हसल 5’ में जलवा, ‘गेम बाबे’ ट्रैक से मचाया तहलका

पानीपत के केशव भुगरा का 'MTV हसल 5' में जलवा, 'गेम बाबे' ट्रैक से मचाया तहलका
MTV Hustle TV: टेलीविजन के मशहूर म्यूजिक रियलिटी शो ‘MTV हसल’ के पांचवें सीजन में हरियाणा के पानीपत शहर के केशव भुगरा की आवाज और हरियाणवी लहजे का डंका बज रहा है। अंडरग्राउंड हिप-हॉप दुनिया में ‘भकता’ के नाम से पहचाने जाने वाले केशव शो में स्क्वाड बॉस की टीम का अहम हिस्सा हैं।
शो के दौरान उनका लेटेस्ट एनर्जेटिक हरियाणवी ट्रैक ‘गेम बाबे’ खूब सुर्खियां बटोर रहा है। पश्चिमी हिप-हॉप बीट्स के साथ अपनी खाटी हरियाणवी बोली का जो संगम केशव ने पेश किया है, उसने देशभर के युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया है।
असफलता को बनाया ढाल, मुंबई में नौकरी के साथ रातों को रचे गाने
केशव की यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष और अटूट जुनून छुपा है। उन्होंने पिछले साल भी ‘MTV हसल’ के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन तब उन्हें निराशा हाथ लगी थी। असफलता से निराश होने के बजाय केशव ने अपने सुर और बीट्स को और धार देना शुरू किया। मई 2026 में उन्होंने दोबारा ऑडिशन दिया और अपनी प्रतिभा के दम पर शो का टिकट हासिल किया।
केशव के परिजनों ने बताया कि संगीत के इस सपने को जिंदा रखने के लिए उन्होंने मुंबई में एक निजी कंपनी में नौकरी भी की। दिनभर ऑफिस में मशक्कत करने के बाद भी केशव थके बिना रात-रात भर स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करते और नए ट्रैक तैयार करते थे। यही निरंतरता आज उन्हें इस मुकाम तक लेकर आई है।
डकैती से लेकर ‘अब वो लड़का नहीं’ तक, 2023 से 2026 तक का संगीतमय सफर
वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक केशव ने इंडिपेंडेंट रैप म्यूजिक की दुनिया में अपनी मजबूत धाक जमाई है। साल 2023 में आए उनके ट्रैक ‘कान के नीचे’ ने उन्हें अंडरग्राउंड हिप-हॉप कम्युनिटी में एक पहचान दिलाई, जबकि ‘डकैती’ कोलैबोरेशन से उनकी चर्चा और बढ़ी। इसके बाद 2024 में रिलीज हुए उनके तीखे बोल वाले गाने ‘उल्टी गिनती’ को युवाओं का खूब प्यार मिला।
वहीं, साल 2026 में आया उनका महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘अब वो लड़का नहीं’ केशव की बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। इस प्रोजेक्ट में वे सिर्फ एक रैपर के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक परिपक्व गीतकार और म्यूजिक प्रोड्यूसर के रूप में भी सामने आए हैं।
कला और कारोबार से जुड़ा है परिवार, मिला आगे बढ़ने का सकारात्मक माहौल
केशव की इस कलात्मक सोच के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है। उनके परिवार में अलग-अलग व्यवसायों और कला से जुड़े लोग मौजूद हैं। ताऊ अनूप पापड़-वड़ी के कारोबार में हैं, तो पिता अमन शिवपुरी में धार्मिक परिधानों (वृंदा पोशाक) से संबंधित कार्य संभालते हैं। घर में राधा-माधव संकीर्तन का माहौल भी रहा है।
केशव की माता तमन्ना परिवार की शॉप का संचालन करती हैं। वहीं उनके छोटे भाई माधव भी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े हैं और बहन नंदिनी एक फाइन आर्टिस्ट हैं। ताऊ के बेटे वासू इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। घर में हर सदस्य को अपनी पसंद का काम करने की आजादी मिली, जिसका फायदा उठाकर केशव ने अपने संगीतमय सपनों को पंख दिए।
