Narnaul: दहेज मुक्त समाज बनाने की शुरुआत युवाओं से होनी चाहिए
Narnaul: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नांगल दर्गू में विद्यालय की प्राचार्या कैलाश यादव की अध्यक्षता में दहेज निषेध को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
विद्यालय की प्राचार्या कैलाश यादव ने दहेज प्रथा को समाज के लिए गंभीर कुरीति बताते हुए विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस विषय पर अपने परिवार और समाज में जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेश जोशी ने छात्र-छात्राओं को दहेज प्रथा से होने वाले सामाजिक एवं कानूनी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं।
दहेज प्रथा केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि इसके कारण अनेक परिवारों में महिलाओं को मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं दहेज न लेने और न देने का संकल्प लें तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।
धर्मेश जोशी ने कहा कि दहेज मुक्त समाज बनाने की शुरुआत युवाओं से ही होनी चाहिए। आज के विद्यार्थी ही भविष्य में परिवार और समाज का नेतृत्व करेंगे।
यदि युवा पीढ़ी विवाह के समय किसी भी प्रकार का दहेज लेने से इनकार करती है तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
उत्पीड़न होने पर कानूनी सहायता लेने की अपील
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है अथवा दहेज की मांग की जाती है तो वह नजदीकी पुलिस थाना, महिला थाना या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत कर सकती है।
इसके अलावा उपमंडल अधिकारी नागरिक नांगल चौधरी-कम-दहेज प्रतिषेध अधिकारी के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता की पहचान को नियमानुसार गोपनीय रखने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेश जोशी ने कहा कि केवल कानून की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। नागरिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी माध्यम से सहायता लेना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि दहेज के खिलाफ आवाज उठाने के साथ-साथ समाज में ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जिसमें विवाह बिना किसी दहेज के सम्मानपूर्वक संपन्न हों।
कार्यक्रम का मंच संचालन मौलिक मुख्य अध्यापक राजेंद्र यादव ने किया। उन्होंने भी दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान को मजबूत बनाने तथा युवाओं को इस सामाजिक कुरीति से दूर रहने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय लीगल लिटरेसी क्लब के इंचार्ज त्रिभुवन वर्मा, योगेंद्र कुमार, रामस्वरूप भोपा सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य तथा धर्मपाल, कर्मपाल, रामपाल थानेदार एवं मुंशी राम उपस्थित रहे।
