Kurukshetra Suicide Case: ‘मेरा अतीत बुरा था पर मैं बुरी नहीं’, सुसाइड नोट लिख दो बच्चों की मां ने दी जान
शाहाबाद में 25 वर्षीय सुरजीत कौर ने लगाया फंदा
Kurukshetra Suicide Case: कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद से एक बेहद दुखद और उलझा हुआ मामला सामने आया है। यहां एक 25 वर्षीय विवाहिता सुरजीत कौर ने अपने घर के अंदर चुन्नी से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुरजीत महज तीन महीने पहले ही दोबारा मां बनी थी और उसका चार साल का एक बेटा भी है। घटना की सूचना मिलते ही शाहाबाद थाना पुलिस, फोरेंसिक विशेषज्ञों और फोटोग्राफी टीम के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस खुदकुशी के पीछे दो अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं, जिसने मामले को पेचीदा बना दिया है।
सुसाइड नोट का सच: “मेरा अतीत बुरा था, पर मैं इतनी बुरी नहीं थी.

शाहाबाद थाना प्रभारी (SHO) जगदीश टामक के अनुसार, तफ्तीश के दौरान पुलिस को मृतका के हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस नोट में सुरजीत का दर्द साफ झलकता है। उसने लिखा, “मैं सुरजीत ये जिंदगी छोड़ कर जा रही हूं। हां, मेरा अतीत बुरा था, लेकिन मैं इतनी भी बुरी नहीं थी, जितना मेरे पति ने मुझ पर लांछन लगाया, मेरी कोई गलती नहीं थी।” हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे नोट में पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाने के बाद सुरजीत ने आखिरी लाइनों में अंग्रेजी में लिखा, “आई लव यू लखविंदर मेरा जानू।” पुलिस अब इस सुसाइड नोट की प्रामाणिकता और हैंडराइटिंग की बारीकी से जांच कर रही है।
पिता के बयान ने बदला रुख, दामाद पर आरोप लगाने से किया इनकार
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मृतका के पिता दलबीर सिंह ने पुलिस के सामने बिल्कुल अलग बयान दर्ज करवाया। यमुनानगर के रहने वाले और रिटायर्ड टीचर दलबीर सिंह ने बताया कि उनकी बेटी सुरजीत कौर एमए और बीएड शिक्षित थी। वह काफी समय से शिक्षक बनने का सपना देख रही थी और उसने सीटीईटी (CTET) की परीक्षा भी दी थी। पिता के मुताबिक, इस परीक्षा में क्वालीफाई न कर पाने के कारण वह पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही थी। पिता ने दामाद लखविंदर सिंह या ससुराल पक्ष के किसी भी सदस्य पर प्रताड़ना का कोई आरोप नहीं लगाया है।
2020 में हुई थी शादी, पुलिस हर पहलू को खंगालने में जुटी
सुरजीत कौर की शादी 20 नवंबर 2020 को लखविंदर सिंह के साथ हुई थी। हंसते-खेलते परिवार में तीन महीने पहले ही एक नन्हीं बेटी की किलकारी गूंजी थी, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी इतनी उम्र की होगी। एक तरफ जहां सुसाइड नोट पति के तानों की ओर इशारा कर रहा है, वहीं पिता का बयान परीक्षा के तनाव को वजह बता रहा है। पुलिस ने फिलहाल पिता के बयानों के आधार पर इत्तेफाकिया मौत (सीआरपीसी 174) के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, सुसाइड नोट में लिखे तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है और लिखावट की फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
यह भी पढ़ें–दुकान पर आया, दोस्ती की और फिर दोस्त को ही उतार दिया मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार
